Aligarh News: चाय की चुस्की अब पड़ेगी महंगी, रक्षाबंधन से पहले चीनी के बढ़े दाम
Aligarh News: रक्षाबंधन से पहले अलीगढ़ में चीनी के बढ़े दामों का असर चाय पर पड़ा है। खैर CHC के सामने 10 रुपये वाली चाय 15 रुपये की हो गई, जिससे मरीज-तीमारदार भी परेशान हैं।
चाय की चुस्की अब पड़ेगी महंगी, रक्षाबंधन से पहले चीनी के बढ़े दाम (Photo- Newstrack)
Aligarh News: रक्षाबंधन नजदीक आते ही मिठास की जगह जेब पर कड़वाहट आ गई है। अलीगढ़ जनपद में चीनी के दामों ने 15 दिन में ही सेंचुरी के करीब छू ली है और इसका सबसे ज्यादा असर सड़क किनारे लगने वाली चाय की दुकानों पर पड़ा है। खैर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के ठीक सामने वाली टी-स्टाइल से लेकर जनपद के हर चौराहे तक यही चर्चा है। "चीनी महंगी, चाय फीकी"।
CHC गेट पर मरीज और तीमारदार परेशान
खैर CHC के सामने सुबह 7 बजे से शाम तक टी-स्टाइल की दुकान पर भीड़ लगी रहती है। मरीजों के तीमारदार, डॉक्टर, नर्स और एंबुलेंस ड्राइवर यहीं आकर 2 मिनट की राहत लेते थे। लेकिन अब हालात बदल गए हैं।
दुकानदार चेता बताते हैं, "पहले 10 रुपये में भरपूर मीठी चाय देते थे। अब चीनी 65 रुपये किलो हो गई। एक कप में 2 चम्मच डालो तो घाटा, 1 चम्मच डालो तो ग्राहक बोलता है। स्वाद नहीं। मजबूरी में 15 रुपये कर दी। सुबह से अब तक 20 कप कम बिके।"
CHC में ड्यूटी पर तैनात वार्ड ब्वॉय कहते हैं, "12 घंटे की ड्यूटी। चाय ही सहारा थी। अब रोज 10-15 रुपये एक्स्ट्रा लग रहे। त्योहार पर घर भी जाना है, ऊपर से खर्च बढ़ गया।"
जनपद भर में यही हाल
खैर के बाद अतरौली, इगलास, गभाना और अलीगढ़ शहर की हर नुक्कड़ पर यही नजारा है। दुकानदार दूध गर्म करके बैठे हैं, केतली खनक रही है, लेकिन ग्राहक गिन-गिन कर आ रहे हैं। कई जगह 10 रुपये वाली चाय 12-15 रुपये हो गई। कई दुकानदारों ने चीनी आधी कर दी।
किराना व्यापारियों का कहना है। कि थोक में चीनी का कट्टा 700 रुपये तक महंगा हुआ है। वजह मिलों में पेराई कम और त्योहार की डिमांड बताई जा रही है।
"मिठाई और चाय दोनों पर मार"
गृहणियां भी परेशान हैं। रक्षाबंधन पर खीर, सेवई, बर्फी सब चीनी से बनती है। खैर की गृहणी सीमा देवी बोलीं, "5 किलो चीनी लेनी थी, 325 रुपये लग गए। पहले 210 में आ जाती थी। बच्चों के लिए मिठाई बनानी है, साथ में मेहमानों को चाय भी पिलानी है।"
लोगों की मांग
लोगों ने प्रशासन से मांग की है। कि त्योहार से पहले राशन की दुकानों और सरकारी उचित दर विक्रेताओं पर चीनी की सप्लाई बढ़ाई जाए। बाजार में रेट कंट्रोल हो वरना आम आदमी की चाय और त्योहार दोनों फीके पड़ जाएंगे।
फिलहाल खैर CHC के सामने टी-स्टाइल पर दूध गर्म है, तवा गर्म है, लेकिन ग्राहकों की जेब सबसे ज्यादा गर्म है। रक्षाबंधन की मिठास से पहले ही चीनी ने कड़वा स्वाद दे दिया है।