Aligarh News: छात्राओं को कानून, साइबर सुरक्षा और करियर के मंत्र, अधिकारों की पाठशाला आयोजित
Aligarh News: अलीगढ़ में कॉलेज छात्राओं के लिए अधिकारों की पाठशाला आयोजित हुई, जहां कानून, साइबर सुरक्षा और करियर की जानकारी दी गई।
Aligarh News(Photo-Social Media)
Aligarh News: 20 अगस्त 2026 अधिकार पता हो तो डर खत्म हो जाता है। इसी सोच के साथ गुरुवार को चम्पा देवी कन्या इण्टर कॉलेज में एक खास विधिक जागरूकता शिविर लगा। माननीय उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ और माननीय जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अलीगढ़ के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं को कानून की किताब से निकालकर जिंदगी से जोड़ा गया। शिविर की अध्यक्षता विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती मनीषा अग्रवाल ने की। संचालन हिन्दी शिक्षिका भावना कुमारी ने किया। मंच पर मौजूद हर चेहरे का मकसद एक ही था: छात्राओं को जानकारी देकर आत्मविश्वासी और सशक्त बनाना।
कानून से दोस्ती कराई पीएलवी ने
कार्यक्रम में पैरा लीगल वॉलंटियर श्रीमती आभा वार्ष्णेय ने छात्राओं से सीधे संवाद किया। उन्होंने घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम, दहेज प्रतिषेध अधिनियम और कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम से जुड़े प्रावधानों को आसान भाषा में समझाया। उन्होंने बताया कि घर में, स्कूल में या भविष्य में नौकरी के दौरान अगर कहीं सम्मान पर चोट लगे तो चुप न रहें, आवाज उठाएं। कानून आपके साथ खड़ा है। साइबर सुरक्षा पर भी विस्तार से चर्चा हुई। फर्जी कॉल, सोशल मीडिया पर धमकी, फोटो का गलत इस्तेमाल और ऑनलाइन ठगी से बचने के तरीके बताए गए। पासवर्ड गोपनीय रखने, अंजान लिंक पर क्लिक न करने और सबूत सुरक्षित रखने की सलाह दी गई।
करियर का रास्ता भी दिखाया
मलखान सिंह जिला चिकित्सालय की काउन्सलर श्रीमती विनय यादव ने छात्राओं को करियर गाइडेंस दी। उन्होंने कहा कि अपनी रुचि, क्षमता और लक्ष्य को पहचानकर ही विषय और कोर्स चुनें। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, स्किल डेवलपमेंट और समय प्रबंधन पर टिप्स दिए। उनका जोर इस बात पर था कि बेटियां केवल नौकरी की तलाश न करें, बल्कि अपने हुनर से अवसर बनाएं।
मदद कहां मिलेगी, यह भी बताया
शिविर में सबसे जरूरी जानकारी थी सहायता के दरवाजे। बताया गया कि किसी भी कानूनी समस्या या अन्याय की स्थिति में पात्र लोग जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता ले सकते हैं। इसके लिए नालसा की टोल फ्री हेल्पलाइन 15100 उपलब्ध है। आपातकाल में महिला हेल्पलाइन 1090 और डायल 112 पर तुरंत संपर्क किया जा सकता है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं और शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया। सवाल-जवाब के दौर में छात्राओं ने दहेज, साइबर फ्रॉड और करियर को लेकर खुले मन से अपनी शंकाएं रखीं। आयोजकों का कहना है। कि ऐसे शिविरों का मकसद सिर्फ जानकारी देना नहीं, बल्कि एक ऐसी पीढ़ी तैयार करना है। जो अपने अधिकार जानती हो, उनका सम्मान करती हो और जरूरत पड़ने पर उनका उपयोग भी कर सके।