Balrampur News: बलरामपुर में अतिक्रमण हटाओ अभियान पर मचा बवाल

Balrampur News: नगर पालिका ने 40 घरों व दुकानों से अतिक्रमण हटाया, लोगों ने मनमानी का लगाया आरोप, प्रशासन बोला- नोटिस देने के बाद ही कार्रवाई हुई।

Update:2025-08-24 18:00 IST

 बलरामपुर में अतिक्रमण हटाओ अभियान पर मचा बवाल (Photo- Newstrack)

Balrampur Encroachment Drive: बलरामपुर में अतिक्रमण हटाओ अभियान, नगर पालिका पर मनमानी के आरोप, लोग बोले- मनमानी तरीके से हटवाया गया अतिक्रमण। बलरामपुर नगर पालिका परिषद द्वारा शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान पर अब विवाद खड़ा हो गया है। बीते शनिवार को पालिका प्रशासन ने करीब 40 घरों और दुकानों के बाहर बने छज्जों व अतिक्रमण को हटवा दिया। कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। नगर पालिका रोड पर किए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान पर स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मनमानी तरीके से अतिक्रमण को हटाया गया है।

मामले पर स्थानीय निवासी खालिद, जावेद और लोगों का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के बुलडोजर चलाकर छज्जे तोड़ दिए गए, जिससे भारी परेशानी खड़ी हो गई है। कई घरों के बाहर बने रास्ते व बरामदे टूट जाने से अब लोगों को अपने ही घर में प्रवेश करने में दिक्कत हो रही है। नाराज निवासियों ने नगर पालिका प्रशासन और अध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू पर मनमानी का आरोप लगाया। उनका कहना है कि यदि पहले नोटिस या चेतावनी दी जाती तो लोग खुद अवैध निर्माण हटा लेते। अचानक की गई कार्रवाई से कई परिवार असमंजस में पड़ गए हैं।

स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि पालिका प्रशासन की कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। जिन हिस्सों को अतिक्रमण बताकर गिराया गया, वे वर्षों से बने हुए थे और अब अचानक हटाने से लोगों को आर्थिक व सामाजिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

दूसरी ओर, नगर पालिका प्रशासन ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। अधिशासी अधिकारी लाल चंद्र मौर्य ने कहा कि चेतावनी पहले दी गई थी और लोगों से बार-बार अतिक्रमण हटाने की अपील की गई थी। बावजूद इसके जब लोगों ने निर्माण नहीं हटाया, तब मजबूर होकर कार्रवाई की गई। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जब तक नगर क्षेत्र से अवैध कब्जे और निर्माण पूरी तरह खत्म नहीं हो जाते, तब तक अभियान जारी रहेगा।

अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई ने नगर में राजनीतिक माहौल भी गरमा दिया है। एक तरफ प्रशासन शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने की बात कर रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रभावित लोग कार्रवाई को तानाशाही करार दे रहे हैं। अब देखना यह होगा कि नगर पालिका लोगों की नाराजगी को कैसे शांत करती है और आगे यह अभियान किस दिशा में जाता है।

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