Balrampur News: महादेव गोसाई मनरेगा में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला उजागर, बीडीओ ने दिए जांच के आदेश
महादेव गोसाई गांव में मनरेगा में भ्रष्टाचार, फर्जी हाजिरी पर बीडीओ ने जांच के आदेश दिए।
Balrampur News: बलरामपुर जनपद के तुलसीपुर विकासखंड के महादेव गोसाई गांव में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत चल रहे कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हुआ है। ग्रामीणों की शिकायत पर सामने आया कि यहां मस्टर रोल में प्रतिदिन 23 से 40 मजदूरों की हाजिरी दर्ज की जाती है, लेकिन मौके पर कोई भी मजदूर काम करता नहीं दिखाई देता।
न्यूज़ ट्रैक की टीम ने जब मौके का जायजा लिया तो वहां एक भी मनरेगा मजदूर मौजूद नहीं मिला। इस खुलासे से ग्रामीणों के आरोपों को मजबूती मिली कि योजना के नाम पर केवल कागजी खानापूर्ति की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान और सचिव ठेकेदारों से काम करवाते हैं और उसके बाद मजदूरों के नाम पर भुगतान निकालकर वसूली की जाती है। मजदूरों को उनके हक की मजदूरी नहीं मिल रही, बल्कि मस्टर रोल पर फर्जी हाजिरी लगाकर सरकारी धन की बंदरबांट हो रही है।
इस पूरे प्रकरण पर जब एपीओ मनरेगा से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। सूत्रों के अनुसार, पचपेड़वा और तुलसीपुर ब्लॉक का एपीओ एक ही व्यक्ति है, जिसके कारण कार्यों की निगरानी ठीक से नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह खेल लंबे समय से चल रहा है और शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने से भ्रष्टाचारियों के हौसले बुलंद हैं।
इस मामले पर खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) ने कहा, “मनरेगा कार्यों को लेकर पहले भी अनियमितताओं की शिकायतें आई हैं। महादेव गोसाई गांव के मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
यह घटना एक बार फिर से मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना में जमीनी स्तर पर फैले भ्रष्टाचार को उजागर करती है। जिला प्रशासन लगातार पारदर्शिता और जवाबदेही की बात करता है, लेकिन ग्राम स्तर पर प्रधान, सचिव और अधिकारियों की मिलीभगत से योजनाओं का दुरुपयोग होता रहा है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि दोषियों को चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लग सके।