Barabanki News : बाराबंकी: महाराणा प्रताप जयंती में मंत्री सतीश शर्मा का बयान वायरल, मचा विवाद

Barabanki News : महाराणा प्रताप जयंती पर राज्यमंत्री सतीश शर्मा के संबोधन में अकबर और रावण प्रसंग का जिक्र, वीडियो वायरल होने से सियासी हलचल तेज

Update:2026-05-12 11:15 IST

Maharana Pratap Jayanti 

Barabanki News: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जनपद के शहर स्थित होटल रॉयल रिलाइट में आयोजित महाराणा प्रताप जयंती समारोह राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा के एक विशेष संबोधन को लेकर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। कार्यक्रम के दौरान मंत्री सतीश शर्मा ने मेवाड़ के शूरवीर महाराणा प्रताप के संघर्षों की गाथा सुनाते हुए उनके स्वाभिमान और वीरता पर प्रकाश डाला। हालांकि, इसी संबोधन के दौरान उनके द्वारा दिए गए एक ऐतिहासिक संदर्भ का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है।

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं नोएडा विधायक पंकज सिंह की मौजूदगी में आयोजित इस गरिमामयी समारोह को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने महाराणा प्रताप के शौर्य का बखान किया। उन्होंने अपने भाषण के दौरान वीरता और अधर्म के विरुद्ध लड़ाई का उदाहरण देते हुए सम्राट अकबर के कालखंड का जिक्र किया। इसी दौरान उन्होंने अकबर के संदर्भ में 'रावण' शब्द का प्रयोग किया, जो अब सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया है।

समारोह में मंत्री सतीश शर्मा ने कहा कि जिस तरह सत्य की जीत के लिए संघर्ष अनिवार्य है, उसी तरह महाराणा प्रताप ने भी कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने अपने संबोधन में तुलनात्मक लहजे में अकबर के कालखंड को एक चुनौती के रूप में पेश किया। मंत्री के इस वक्तव्य को कुछ लोग ऐतिहासिक रूपकों के प्रयोग के तौर पर देख रहे हैं, जबकि सोशल मीडिया पर इस क्लिप को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

इतिहास के जानकारों का मानना है कि महापुरुषों की जयंती पर अक्सर वक्ता प्रतीकों और रूपकों का सहारा लेते हैं ताकि वीरता को प्रभावशाली ढंग से समझाया जा सके। राज्यमंत्री के इस संबोधन को भी इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा रहा है जहाँ उन्होंने महाराणा प्रताप की महानता को सिद्ध करने के लिए कड़े शब्दों का चयन किया।

पंकज सिंह जैसे कद्दावर नेताओं की उपस्थिति में दिए गए इस बयान के बाद बाराबंकी के सियासी हलकों में हलचल तेज है। हालांकि, कार्यक्रम के आयोजकों और समर्थकों का कहना है कि मंत्री जी का उद्देश्य केवल महाराणा प्रताप के संघर्ष की पराकाष्ठा को जनता के सामने रखना था। फिलहाल, इस वायरल वीडियो को लेकर लोग अपनी-अपनी तरह से अर्थ निकाल रहे हैं, लेकिन मंत्री सतीश शर्मा की ओर से इस प्रसंग पर अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं हुआ है।

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