नितिन नबीन के रोड शो में प्रभु हनुमान का ऐसा रूप? HC के वकील ने खोला मोर्चा, चौतरफा घिरी BJP, Video

Lucknow Nitin Nabin Roadshow Controversy: लखनऊ में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के रोड शो के दौरान हनुमान स्वरूप के इस्तेमाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया। हाईकोर्ट के एक वकील ने शिकायत दर्ज कर जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की, जबकि विपक्ष ने बीजेपी पर निशाना साधा।

Update:2026-07-06 17:15 IST

Lucknow Nitin Nabin Roadshow Controversy: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी के एक बड़े रोडशो के दौरान हिंदू देवी-देवताओं के स्वरूप के इस्तेमाल को लेकर देश की राजनीति में एक नया और बड़ा तूफान खड़ा हो गया है। इस भव्य रोडशो में भगवान हनुमान जी का वेश धारण किए एक व्यक्ति को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के सामने कथित तौर पर नचाने के खिलाफ चंडीगढ़ के पुलिस महानिदेशक (DGP) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के पास एक आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता ने बेहद कड़े शब्दों में आरोप लगाया है कि एक राजनीतिक जुलूस के भीतर भगवान हनुमान जी के इस पावन स्वरूप का इस तरह इस्तेमाल करने से देश-दुनिया के करोड़ों सनातनी हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को बहुत गहरी ठेस पहुंची है।

HC के वकील ने खोला मोर्चा

इस पूरे विवादित मामले को लेकर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के जाने-माने वकील और काउंसिल ऑफ लॉयर्स के चेयरमैन वासु रंजन ने सीधे चंडीगढ़ पुलिस को ईमेल के जरिए अपनी शिकायत भेजी है। उन्होंने अपनी शिकायत में साफ तौर पर कहा है कि किसी भी राजनीतिक दल के प्रचार या कार्यक्रम में भगवान हनुमान जी की पवित्र पोशाक और स्वरूप का ऐसा प्रदर्शन पूरी तरह से गलत, अमर्यादित और पूजनीय धार्मिक प्रतीकों का भारी अनादर है। वकील ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस घटना को लेकर तुरंत एक एफआईआर दर्ज की जाए, पूरे मामले की बहुत ही निष्पक्षता से जांच हो और इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े जितने भी डिजिटल और जमीनी सबूत हैं, उन्हें बिना किसी देरी के फौरन सुरक्षित और जब्त किया जाए।

कानून की धाराओं में फंसे नेता

शिकायतकर्ता के अनुसार, हिंदू धर्म में भगवान हनुमान जी सबसे पूजनीय और परम आराध्य देवताओं में से एक माने जाते हैं। ऐसे में उनके रूप या वेशभूषा का इस्तेमाल किसी पार्टी के राजनीतिक चुनाव प्रचार को चमकाने के लिए करना बेहद आपत्तिजनक और निंदनीय है। शिकायत में दावा किया गया है कि यह कृत्य सीधे तौर पर प्रभु के भक्तों की आस्था का बड़ा अपमान है, जो भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 299 के अंतर्गत एक दंडनीय अपराध की श्रेणी में आ सकता है। यह धारा जानबूझकर किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को भड़काने और आहत करने से जुड़ी हुई है। वकील ने इस विवादित आयोजन से जुड़े हर एक छोटे-बड़े जिम्मेदार व्यक्ति की भूमिका की सघन जांच करने की पुरजोर मांग की है।

आयोजकों और अफसरों पर कड़ा एक्शन

इस मामले में सबसे बड़ी बात यह कही गई है कि यह पूरी घटना बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और एक राज्य के मुख्यमंत्री जैसे अतिविशिष्ट और बड़े नेताओं की सीधी मौजूदगी में घटित हुई थी। इसलिए जांच अधिकारियों को इस पूरे कार्यक्रम को तैयार करने वाले आयोजकों, इवेंट मैनेजरों, हनुमान जी का वेश धरने वाले कलाकार और उस हर एक शख्स की भूमिका की बारीकी से जांच करनी चाहिए जिसने इस कृत्य को अपनी मंजूरी दी या इसे बढ़ावा दिया। पत्र में मांग की गई है कि कसूरवार चाहे कितने भी बड़े राजनीतिक ओहदे या सरकारी पद पर क्यों न बैठा हो, जांच के बाद उसके खिलाफ सबसे सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई ऐसा करने की हिम्मत न कर सके।

विपक्ष का BJP पर चौतरफा हमला

इस बीच, लखनऊ के इस रोडशो का कथित वीडियो इंटरनेट पर वायरल होने के बाद विपक्षी दलों ने बीजेपी को चौतरफा घेरना शुरू कर दिया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस घटना की तीखी आलोचना करते हुए बीजेपी से देश की जनता से तुरंत माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस घटना से जुड़ा एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए हमारे पवित्र धार्मिक प्रतीकों का तमाशा नहीं बनाया जाना चाहिए। इसके साथ ही आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी हमला बोलते हुए कहा कि भगवान हनुमान के स्वरूप के हाथ में राजनीतिक दल का झंडा थमाकर उसे रैली में नचाना भगवान का घोर अनादर है। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने भी इस मुद्दे पर बीजेपी की चुप्पी को लेकर तीखे सवाल दागे हैं। हालांकि, इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक बीजेपी या उसके किसी बड़े नेता की तरफ से इन गंभीर आरोपों पर कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया या सफाई सामने नहीं आई है।

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