Banda News: बिच्छू के डंक के बाद बिगड़ी किशोरी की तबीयत, इलाज के दौरान मौत

Banda News: बांदा के जलालपुर गांव में बिच्छू के डंक से किशोरी की तबीयत बिगड़ी। प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया, इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

By :  Anwar Raza
Update:2026-07-06 22:42 IST

बिच्छू के डंक के बाद बिगड़ी किशोरी की तबीयत, इलाज के दौरान मौत (Photo- Newstrack)

Banda News: बांदा जिले के बबेरू कोतवाली क्षेत्र के जलालपुर गांव में जहरीले बिच्छू के काटने से एक किशोरी की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि समय पर 108 एंबुलेंस नहीं पहुंची, जिसके चलते उनकी बेटी की जान चली गई। घटना के बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया है।

शौच से घर लौटते समय जहरीले बिच्छू ने काटा

जानकारी के अनुसार जलालपुर गांव निवासी हरीवा निषाद की करीब 15 वर्षीय पुत्री रजोला देवी रविवार की शाम शौच करने के बाद अपने घर पहुंची थी। इसी दौरान उसे जहरीले बिच्छू ने काट लिया। बिच्छू के काटने के बाद किशोरी की हालत धीरे-धीरे गंभीर होने लगी। परिजन पहले उसे झाड़फूंक के लिए ले गए, लेकिन जब सोमवार तक उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ तो उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बबेरू में भर्ती कराया गया।

जिला अस्पताल किया गया रेफर

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बबेरू में डॉक्टरों ने किशोरी का प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत गंभीर देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इसके बाद परिजनों ने 108 एंबुलेंस सेवा पर फोन किया, लेकिन उनका आरोप है कि करीब एक घंटे तक फोन करते रहे, फिर भी समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंची।

एंबुलेंस में लिटाते समय हो गई मौत

परिजनों के अनुसार काफी देर बाद जब एंबुलेंस मौके पर पहुंची और किशोरी को उसमें लिटाया जा रहा था, तभी उसकी मौत हो गई। बेटी की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर सोमवार दोपहर करीब दो बजे पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज बांदा भेज दिया।

पिता बोले, समय पर एंबुलेंस मिल जाती तो बच सकती थी बेटी

मृतका के पिता हरीवा ने बताया कि उन्होंने समय पर एंबुलेंस को फोन किया था, लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची, जिससे उनकी बेटी की मौत हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर समय पर एंबुलेंस मिल जाती तो शायद उनकी बेटी की जान बच सकती थी।

परिवार में चौथे नंबर की थी रजोला देवी

जानकारी के मुताबिक रजोला देवी अपने परिवार में दो बहनों और तीन भाइयों के बीच चौथे नंबर की संतान थी। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में भी शोक का माहौल बना हुआ है।

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