‘शोहरत की बुलंदी, पल भर का तमाशा है.’, UP कैबिनेट विस्तार से पहले ब्रजभूषण शरण सिंह के पोस्ट के क्या हैं मायने?

UP Politics: बृजभूषण ने अपने एक्स अकाउंट पर एक शायरी पोस्ट करते हुए लिखा, “शोहरत की बुलंदी भी पल भर का तमाशा है, जिस शाख पे बैठे हो वो टूट भी सकती है।”

Update:2026-05-10 13:42 IST

Brij Bhushan Sharan Singh

UP Politics: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार से पहले भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का एक सोशल मीडिया पोस्ट राजनीतिक गलियारे में चर्चा में छाया हुआ है। पूर्व सांसद बृजभूषण ने एक्स अकाउंट पर शायराना अंदाज में लिखा कि “शोहरत की बुलंदी भी पल भर का तमाशा है, जिस शाख पे बैठे हो वो टूट भी सकती है।” इस पोस्ट के सामने आने के बाद राजनीति में इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि बृजभूषण का यह पोस्ट मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर उनकी नाराजगी का संकेत माना जा रहा है। माना जा रहा है कि बृजभूषण शरण सिंह अपने बेटे प्रतीक सिंह को मंत्रिमंडल में जगह दिलाने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि उन्होंने कभी सार्वजनिक रूप से इस बात की पुष्टि नहीं की, लेकिन लंबे समय से ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं। सोशल मीडिया पर भी इस पोस्ट को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

सूत्रों के अनुसार, योगी सरकार के इस विस्तार में कुल आठ मंत्री शपथ ले सकते हैं। इनमें छह नए चेहरे शामिल होंगे, जबकि दो मौजूदा राज्य मंत्रियों को प्रमोट कर कैबिनेट या स्वतंत्र प्रभार दिया जा सकता है। बीजेपी इस बार जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रही है। बताया जा रहा है कि पार्टी ब्राह्मण, जाट, दलित, पासी, वाल्मीकि, लोधी और अति पिछड़ा वर्ग के नेताओं को प्रतिनिधित्व देने पर फोकस कर रही है। 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए यह विस्तार बीजेपी की बड़ी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

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