Chandauli News: 8वें वेतन आयोग के सामने AINPSEF ने रखीं शिक्षकों और कर्मचारियों की बड़ी मांगें

Chandauli News: चंदौली में 8वें वेतन आयोग के समक्ष AINPSEF ने वेतन, भत्ते, सेवा शर्तों, पेंशन विकल्प और शिक्षकों के सेवा विस्तार समेत कई अहम सुझाव प्रस्तुत किए।

Update:2026-08-07 17:16 IST

8वें वेतन आयोग के सामने AINPSEF ने रखीं शिक्षकों और कर्मचारियों की बड़ी मांगें (Photo- Newstrack)

Chandauli News: ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लाइज फेडरेशन (AINPSEF) ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के सामने देशभर के शिक्षकों और NPS (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली) कर्मचारियों की मांगों को प्रमुखता से उठाया। आयोग की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में फेडरेशन ने एक विस्तृत प्रस्ताव और प्रजेंटेशन पेश किया।

इस महत्वपूर्ण बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने हिस्सा लिया। उत्तर प्रदेश से राष्ट्रीय प्रवक्ता अंकुर त्रिपाठी और प्रदेश संगठन मंत्री अमित कुमार पाण्डेय ने शामिल होकर राज्य और देश के कर्मचारियों का प्रभावी प्रतिनिधित्व किया।

वेतन, भत्ते और सेवा शर्तों में सुधार की मांग

फेडरेशन ने कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए:

फिटमेंट फैक्टर: इसे 3.83 लागू करने की मांग की गई।

HRA व भत्ते: हाउस रेंट अलाउंस (HRA) को 15%, 30% और 45% करने, तथा ट्रांसपोर्ट व डिजिटल भत्ते लागू करने की बात कही।

महंगाई भत्ता (DA): DA के 25% पहुंचने पर इसे मूल वेतन में मिलाने का सुझाव दिया।

परिवार की परिभाषा: फैमिली यूनिट को 3 से बढ़ाकर 5 सदस्य करने की सिफारिश की।

पुरानी पेंशन (OPS) का विकल्प और 'वन नेशन-वन सर्विस'

फेडरेशन ने स्पष्ट किया कि वर्तमान NPS और UPS वृद्धावस्था में पूरी सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा नहीं देते। इसके समाधान के रूप में मांग की गई कि मृत्यु या दिव्यांगता पर मिलने वाले OPS के विकल्प को नियमित और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति पर भी लागू किया जाए।

इसके अलावा, "One Nation – One Service Mobility" की अवधारणा पेश करते हुए मांग की गई कि केंद्र, राज्य और स्वायत्त संस्थाओं के कर्मचारियों को एक समान सेवा लाभ और प्रशासनिक सुविधाएं मिलें।

शिक्षकों के लिए अवकाश और सेवा विस्तार

शिक्षकों की विसंगतियों को दूर करने के लिए मांग की गई कि उन्हें UGC शिक्षकों की तरह 65 वर्ष तक सेवा का अवसर मिले। साथ ही, साल में 30 दिन अर्जित अवकाश (EL), 45 दिन सोशल ऑब्लिगेशन लीव और 45 दिन फैमिली केयर लीव देने का प्रस्ताव भी रखा गया।

कर्मचारियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्धता

बैठक के बाद डॉ. मंजीत सिंह पटेल और अंकुर त्रिपाठी ने बताया कि संगठन का उद्देश्य केवल वेतन वृद्धि नहीं, बल्कि कर्मचारियों को सम्मानजनक सेवा शर्तें और आधुनिक सुविधाएं दिलाना है। आयोग ने सभी सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना और सकारात्मक रुख दिखाया।

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