Chandauli News: अवैध वसूली के आरोप पर डॉक्टर की सफाई, डीएम से जांच की मांग
Chandauli News: चंदौली के बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मरीज ने अतिरिक्त धन लेने का आरोप लगाकर डीएम से जांच की मांग की, जबकि डॉक्टर ने आरोपों से इनकार किया।
अवैध वसूली के आरोप पर डॉक्टर की सफाई, डीएम से जांच की मांग (Photo- Newstrack)
Chandauli News: चंदौली जिले के शहीदगांव निवासी पंकज तिवारी ने बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान अवैध वसूली और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग को शिकायती पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायत में उन्होंने मेडिकल कॉलेज के एक चिकित्सक और अस्पताल परिसर के बाहर स्थित एक मेडिकल स्टोर संचालक पर ऑपरेशन के नाम पर रुपये लेने तथा भुगतान न करने पर गंभीर धमकी देने का आरोप लगाया है।
पंकज तिवारी के अनुसार, सड़क दुर्घटना में उनके दाहिने पैर की हड्डी टूट गई थी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। उनका आरोप है कि इलाज के दौरान उन्हें अस्पताल के बाहर स्थित एक मेडिकल स्टोर से सर्जिकल सामग्री खरीदने के लिए कहा गया, जहां उनसे सर्जिकल उपकरणों के लिए 20 हजार रुपये और डॉक्टर के खर्च के नाम पर 12 हजार रुपये, कुल 32 हजार रुपये लिए गए। उन्होंने दावा किया कि आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने उधार लेकर यह रकम जुटाई।
पीड़ित का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद भी उनसे अतिरिक्त 4 हजार रुपये की मांग की गई। जब उन्होंने पैसे देने में असमर्थता जताई तो उन्हें कथित रूप से "गलत या जहर का इंजेक्शन लगाने" जैसी धमकी दी गई। भय के कारण उन्होंने उधार लेकर अतिरिक्त राशि भी देने का दावा किया है। उन्होंने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, इस मामले में डॉक्टर आशुतोष विक्रम ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि पंकज तिवारी का पहले भी उनके द्वारा ऑपरेशन किया जा चुका था। बाद में पैर में पहले से लगी रॉड टूट जाने के कारण दोबारा सर्जरी करनी पड़ी, जो सफलतापूर्वक की गई। डॉक्टर का कहना है कि मरीज से केवल इंप्लांट का शुल्क लिया गया था और ऑपरेशन से पहले ही इलाज में आने वाले खर्च की जानकारी दे दी गई थी।
डॉ. आशुतोष विक्रम के अनुसार, मरीज ने पूरी राशि भी जमा नहीं की थी और शेष भुगतान बाद में करने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि डिस्चार्ज होने के बाद किसी के बहकावे में आकर उनके खिलाफ इस तरह के आरोप लगाए गए हैं। उधर, मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कहा है कि यदि लिखित शिकायत प्राप्त होती है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।