Chandauli News: बाल श्रमिको को मुक्त कराने के लिए हुई छापेमारी, 5 किशोर श्रमिक कराए गए मुक्त
Chandauli News: बाल श्रम उन्मूलन अभियान के तहत प्रशासन ने छापेमारी कर 5 किशोर श्रमिकों को मुक्त कराया। संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने बाल श्रम के विरुद्ध अभियान जारी रखने की बात कही।
Chandauli News(Photo-Social Media)
Chandauli News: चंदौली जिले को वर्ष 2026 तक बाल श्रम मुक्त बनाने के लक्ष्य के तहत जिला प्रशासन ने विशेष अभियान को और तेज कर दिया है। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के निर्देशन में श्रम विभाग के नेतृत्व में चंदौली मुख्यालय से गोधना मोड़ तक एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से संयुक्त रेस्क्यू एवं जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान पांच किशोर श्रमिकों को बाल श्रम से मुक्त कराते हुए उनके पुनर्वास और आवश्यक विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
संयुक्त टीम ने हाईवे किनारे स्थित होटलों, ढाबों, दुकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य संभावित कार्यस्थलों का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों पर कार्य कर रहे पांच किशोर श्रमिकों की पहचान कर उन्हें बाल श्रम से मुक्त कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि सभी किशोरों के पुनर्वास, काउंसिलिंग तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
अभियान के दौरान प्रतिष्ठान संचालकों और व्यापारियों को बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 (संशोधित 2016) के प्रावधानों की जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें बाल श्रम के दुष्परिणाम, बच्चों के शिक्षा के अधिकार और कानून का उल्लंघन करने पर होने वाली कार्रवाई के बारे में जागरूक किया गया। जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रतिष्ठानों पर बाल श्रम मुक्त अभियान से संबंधित आईईसी पोस्टर और स्टिकर भी लगाए गए तथा बच्चों से मजदूरी न कराने की अपील की गई।
प्रशासन ने आमजन और व्यापारियों से अपील की कि वे किसी भी बच्चे या किशोर से श्रम न कराएं। यदि कहीं बाल श्रम होता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल श्रम विभाग, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या आपातकालीन सेवा 112 पर दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। इस अभियान में श्रम प्रवर्तन अधिकारी पंकज सिंह, श्रम प्रवर्तन अधिकारी चंद्र प्रकाश, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के रामजी दुसिया एवं उनकी टीम, नीति आयोग की डेवलपमेंट पार्टनर संस्था एवीए (AVA) के जिला चाइल्ड राइट्स एसोसिएट राकेश कुमार यादव तथा एमएसईएमवीएस के गणेश ने सक्रिय भागीदारी निभाई। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि चंदौली को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए ऐसे संयुक्त रेस्क्यू, निरीक्षण और जागरूकता अभियान आगे भी लगातार चलाए जाते रहेंगे।