Chandauli News: बानगंगा ड्रेन पुल को लेकर किसानों का फूटा गुस्सा,ठेकेदार को जेसीबी लौटानी पड़ी
Chandauli News: बानगंगा ड्रेन पुल की ऊंचाई-चौड़ाई बढ़ाने की मांग पर किसानों ने रोका निर्माण कार्य
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Chandauli News: चंदौली जनपद के रामगढ़ स्थित अघोराचार्य बाबा कीनाराम की जन्मस्थली रामगढ़ एवं बाबा कीनाराम मठ को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ने के लिए गुरेरा से नादी निधौरा तक सड़क के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। परियोजना के अंतर्गत मार्ग में पड़ने वाली पुलियों, राजबाहों तथा बानगंगा ड्रेन पर स्थित पुल का भी चौड़ीकरण प्रस्तावित है। हालांकि, पुल की ऊंचाई और चौड़ाई बढ़ाए बिना निर्माण कार्य शुरू किए जाने के विरोध में गुरुवार को किसानों का गुस्सा एक बार फिर फूट पड़ा।
नाराज किसानों और ग्रामीणों ने गुरेरा–रामगढ़ मार्ग पर निर्माण कार्य रुकवाकर करीब दो घंटे तक जाम लगा दिया तथा जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और निर्माण एजेंसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के कारण मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित रहा।
ग्रामीणों का कहना है कि बानगंगा ड्रेन पर बना वर्तमान पुल वर्षों से संकरा और नीचा है। बरसात के दौरान क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति बन जाती है, जिससे रामगढ़, रइया, बैराठ, बरिया, महमदपुर, कूरा समेत आसपास के गांवों के किसानों और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि यदि सड़क तो चौड़ी कर दी जाएगी, लेकिन पुल को पुराने स्वरूप में ही छोड़ दिया गया, तो भविष्य में जलनिकासी और बाढ़ की समस्या और गंभीर हो जाएगी।
किसानों ने बताया कि इस संबंध में वे कई बार उपजिलाधिकारी, जिलाधिकारी तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन देकर पुल को पर्याप्त चौड़ा और ऊंचा बनाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे पहले भी कई बार ठेकेदार निर्माण कार्य शुरू करने पहुंचे, लेकिन किसानों ने हर बार पुल का डिज़ाइन बदले बिना कार्य रुकवा दिया।
गुरुवार को भी ठेकेदार द्वारा जेसीबी मशीन भेजकर निर्माण कार्य शुरू कराने का प्रयास किया गया। सूचना मिलते ही रामगढ़ सहित आसपास के दर्जनों गांवों के किसान सुभाष सिंह 'फौजी' और गोपाल पांडेय के नेतृत्व में मौके पर पहुंच गए। किसानों ने निर्माण कार्य रुकवाने के बाद सड़क पर जाम लगा दिया। देखते ही देखते सैकड़ों ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। बढ़ते विरोध को देखते हुए ठेकेदार को जेसीबी मशीन वापस बुलानी पड़ी और निर्माण कार्य रोकना पड़ा।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे किसान नेता सुभाष सिंह 'फौजी' ने कहा कि प्रशासन और संबंधित विभाग किसानों की वर्षों पुरानी जायज मांगों की लगातार अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बानगंगा ड्रेन का यह पुल पूरे क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि इसे वैज्ञानिक तरीके से पर्याप्त चौड़ा और ऊंचा नहीं बनाया गया तो हर वर्ष हजारों बीघा कृषि भूमि तथा आसपास के गांव बाढ़ के खतरे में रहेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक पुल के डिज़ाइन में आवश्यक संशोधन कर उसकी चौड़ाई और ऊंचाई नहीं बढ़ाई जाती, तब तक किसी भी कीमत पर निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा। यदि जल्द सकारात्मक पहल नहीं हुई तो किसान आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभागों की होगी।
प्रदर्शन में मुख्य रूप से सुभाष सिंह, गोपाल पांडेय, अशोक पांडेय, पवन सिंह, सामवर पाठक, जयप्रकाश पांडेय, दुखभंजन पाठक, मनोज सिंह, बालेश्वर सिंह, विक्रमा मौर्य, मिंकू पांडेय, राजकुमार सिंह, प्रभुनाथ पांडेय, अर्पित पांडेय, रिंकू यादव, आकाश सिंह, अंश सिंह, अरुण यादव, विनय सिंह, राजू सिंह, मुलायम यादव, ऋषिकेश यादव, धनंजय मौर्य, सुनील मौर्य, दूधनाथ मौर्य सहित सैकड़ों किसान एवं ग्रामीण मौजूद रहे।