Chandauli News: उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान मिलने पर कॉलेज में प्रो. दयाशंकर सिंह यादव का हुआ सम्मान
Chandauli News: चंदौली के सकलडीहा पीजी कॉलेज में समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. दयाशंकर सिंह यादव का सम्मान किया गया। उन्हें महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के 48वें दीक्षांत समारोह में उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान से नवाजा गया था।
Chandauli News
Chandauli News: सकलडीहा पी.जी. कॉलेज में गुरुवार को समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. दयाशंकर सिंह यादव के सम्मान में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हाल ही में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के 48वें दीक्षांत समारोह में महामहिम राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल द्वारा उन्हें "उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान" से सम्मानित किए जाने पर महाविद्यालय परिवार ने उनका अभिनंदन किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. प्रदीप कुमार पांडे ने प्रो. दयाशंकर सिंह यादव को अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रो. यादव को मिला यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पूरे सकलडीहा पीजी कॉलेज और जनपद चंदौली के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के उत्कृष्ट कार्यों को मिलने वाला सम्मान शिक्षा जगत में सकारात्मक वातावरण तैयार करता है और विद्यार्थियों के साथ-साथ अन्य शिक्षकों को भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देता है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद प्रो. दयाशंकर सिंह यादव ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए इस उपलब्धि का श्रेय महाविद्यालय के प्राचार्य, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ प्रशासन, अपने सहकर्मी शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा परिवार के सदस्यों को दिया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके लिए जिम्मेदारी और बढ़ाता है तथा भविष्य में शिक्षा, शोध और समाज सेवा के क्षेत्र में और अधिक समर्पण एवं निष्ठा के साथ कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करता है।
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने प्रो. यादव को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और विश्वास जताया कि वे आगे भी अपनी शैक्षणिक प्रतिभा एवं अनुभव से विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे। कार्यक्रम का वातावरण सम्मान और उत्साह से भरा रहा। महाविद्यालय परिवार ने इसे संस्थान के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि ऐसे सम्मान से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और उत्कृष्ट शैक्षणिक परंपरा को आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिलती है।