Chandauli News: डीडीयू मंडल में 'लाल गाड़ी' अभियान का खौफ: बेटिकट यात्रियों पर कड़ी कार्रवाई

Chandauli News: 'लाल गाड़ी' दो कोचों वाली एक विशेष ट्रेन है, जिसमें टिकट चेकिंग स्टाफ, कमर्शियल इंस्पेक्टर और आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) के जवान एक साथ मिलकर औचक और सघन जांच करते हैं।

Update:2025-09-27 19:37 IST

Chandauli News: पंडित दीन दयाल उपाध्याय रेल मंडल ने बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ एक विशेष और प्रभावी अभियान शुरू किया है, जिसका नाम है 'लाल गाड़ी'। यह अभियान टिकट चेकिंग को पहले से कहीं ज्यादा व्यवस्थित और तेज बना रहा है, जिससे बेटिकट यात्रियों में डर का माहौल है और रेलवे के राजस्व में वृद्धि हो रही है। 'लाल गाड़ी' दरअसल दो कोचों वाली एक विशेष ट्रेन है, जिसमें टिकट चेकिंग स्टाफ, कमर्शियल इंस्पेक्टर और आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) के जवान एक साथ मिलकर औचक और सघन जांच करते हैं।

इस अनोखी पहल का मुख्य लक्ष्य बिना टिकट यात्रा को पूरी तरह से रोकना, रेलवे के राजस्व को बढ़ाना और यात्रियों के बीच अनुशासन सुनिश्चित करना है। इन कोचों की बाहरी दीवारों पर यात्रा और टिकट संबंधी नियम भी लिखे गए हैं, जिससे जागरूकता भी फैल रही है। 'लाल गाड़ी' की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह टिकट चेकिंग दल को तेजी से एक जगह से दूसरी जगह ले जाती है, जिससे कम समय में भी लंबे रेल खंडों पर अचानक जांच करना संभव हो पाता है।

डेहरी-जपला खंड पर चला सघन अभियान

यह अभियान अपनी प्रभावशीलता को लगातार साबित कर रहा है। इसी क्रम में, 27 सितंबर 2025 को डेहरी-ऑन-सोन, नवीनगर और जपला स्टेशनों के बीच 'लाल गाड़ी' का विशेष फोकस रहा। सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक डेहरी-जपला रेल खंड के विभिन्न स्टेशनों पर सघन टिकट जांच की गई।

इस दौरान, 04 ट्रेनों (13553, 63557, 63558 और 53611) को नवीनगर और जपला स्टेशन पर अतिरिक्त ठहराव देकर एक-एक यात्री की गहन चेकिंग की गई।


अभियान के नतीजे और यात्रियों पर असर

'लाल गाड़ी' अभियान के परिणाम बेहद चौंकाने वाले और सकारात्मक रहे हैं। इस एक दिन की जांच में कुल 264 यात्रियों को बिना टिकट या अनियमित यात्रा करते हुए पकड़ा गया। इन सभी यात्रियों से 88,415 रुपये का जुर्माना वसूला गया।

इस जांच का सीधा असर टिकटों की बिक्री पर भी पड़ा। अभियान के कारण नवीनगर स्टेशन पर सामान्य दिनों की तुलना में लगभग दुगुने टिकट बिके। यात्रियों के बीच इस अभियान की चर्चा व्यापक रूप से हो रही है और बेटिकट यात्रा करने वालों में साफ तौर पर खौफ देखा गया है। यह दिखाता है कि यह विशेष जांच दल यात्रियों में जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा दे रहा है।


नेतृत्व और भविष्य की योजना

इस विशेष जांच दल में 35 टिकट चेकिंग स्टाफ, 03 वाणिज्य निरीक्षक और 04 आरपीएफ कर्मी शामिल थे। इस प्रभावी अभियान का नेतृत्व एसीएम कोचिंग, डीडीयू मनीष कुमार और एसीएम/कैटरिंग एवं टिकट चेकिंग, डीडीयू अरविंद कुमार ने किया।

'लाल गाड़ी' अभियान डीडीयू मंडल में टिकट जांच की प्रक्रिया को संगठित, प्रभावी और व्यापक बना रहा है। इससे रेलवे को राजस्व में वृद्धि हो रही है, और साथ ही यात्रियों के बीच जागरूकता और अनुशासन भी बढ़ रहा है। रेलवे आगे भी इस तरह के विशेष अभियान जारी रखने की योजना बना रहा है।



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