Mission 2027 UP : तीन माह में CM योगी के 43 जिलों के ताबड़तोड़ दौरे, '80-20' की सियासत ने उड़ाई विपक्ष की नींद

Mission 2027 UP : उत्तर प्रदेश में सीएम योगी आदित्यनाथ ने तीन महीने में 43 जिलों का दौरा कर ₹36,877 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। '80-20' बयान के बाद विपक्ष इसे मिशन 2027 की चुनावी तैयारी बता रहा है, जबकि सरकार विकास पर जोर दे रही है।

Update:2026-07-29 15:58 IST

cm yogi varanasi visit

CM Yogi Adityanath & Mission 2027 UP: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लगातार जिलों के दौरे अब केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं रह गए हैं, बल्कि प्रदेश की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन चुके हैं। पिछले तीन महीनों में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 43 जिलों का दौरा कर ₹36,877 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। सरकार इसे विकास की तेज रफ्तार और परियोजनाओं की मॉनिटरिंग बता रही है, जबकि विपक्ष का आरोप है कि यह सब 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी का हिस्सा है।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री का '80-20' वाला बयान भी राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है, जिस पर समाजवादी पार्टी लगातार सरकार को घेर रही है।

तीन महीने का रिपोर्ट कार्ड

43 जिलों का दौरा

₹36,877 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास

मेडिकल कॉलेज, सड़क, पुल, बिजली, सिंचाई, शिक्षा और औद्योगिक परियोजनाओं पर फोकस

'80-20' बयान से बढ़ी राजनीतिक हलचल

हाल ही में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था, "यह चुनाव वैसे भी 80-20 का है। उस लिहाज से मैं जिलों में चार-चार बार हो आऊंगा, जब तक विपक्ष एक बार जाएगा।"

मुख्यमंत्री के इस बयान को आधार बनाकर समाजवादी पार्टी लगातार सरकार पर हमला बोल रही है। सपा का कहना है कि लगातार जिलों के दौरे विकास से अधिक चुनावी रणनीति का हिस्सा हैं।

वहीं भाजपा का कहना है कि मुख्यमंत्री का पूरा ध्यान विकास कार्यों की समीक्षा, अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और योजनाओं को समय पर पूरा कराने पर है।

किन जिलों में पहुंचे मुख्यमंत्री?

मई: गोरखपुर, प्रयागराज, बिजनौर, वाराणसी, देवरिया, महाराजगंज, मऊ और सहारनपुर।

जून: हाथरस, आजमगढ़, अलीगढ़, बलरामपुर, गौतम बुद्ध नगर, पीलीभीत, अयोध्या, देवरिया, गोंडा, फिरोजाबाद, कुशीनगर, महोबा, संत कबीर नगर, उन्नाव, झांसी, हमीरपुर, ललितपुर, वाराणसी, मुरादाबाद और गाजियाबाद।

जुलाई: वाराणसी, बांदा, चित्रकूट, मैनपुरी, अमरोहा, बहराइच, बाराबंकी, बिजनौर, बुलंदशहर, इटावा, कुशीनगर, शामली, प्रतापगढ़, अयोध्या, सुल्तानपुर, बस्ती, आगरा, फतेहपुर, संभल, प्रयागराज, गाजियाबाद और श्रावस्ती।

इन जिलों में सबसे ज्यादा फोकस

मुख्यमंत्री ने सबसे अधिक वाराणसी का दौरा किया, जहां वे चार बार पहुंचे। इसके अलावा कई अहम जिलों में दो-दो बार जाकर परियोजनाओं की समीक्षा की।

वाराणसी – 4 बार

देवरिया – 2 बार

बिजनौर – 2 बार

प्रयागराज – 2 बार

अयोध्या – 2 बार

कुशीनगर – 2 बार

गाजियाबाद – 2 बार

सरकार बनाम विपक्ष

सरकार का दावा है कि मुख्यमंत्री के लगातार दौरों का उद्देश्य विकास परियोजनाओं की निगरानी, अधिकारियों की जवाबदेही तय करना और योजनाओं को तय समयसीमा में पूरा कराना है।

वहीं समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा का कहना है कि '80-20' बयान के बाद लगातार जिलों के दौरे यह संकेत देते हैं कि सरकार विकास के साथ-साथ 2027 के चुनावी समीकरण भी साध रही है।

भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी का कहना है कि मुख्यमंत्री का फोकस केवल विकास कार्यों की गति बढ़ाने और जनता तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर है।

मिशन 2027 में आगे क्या?

उत्तर प्रदेश की राजनीति में फिलहाल विकास और चुनावी रणनीति दोनों साथ-साथ चर्चा में हैं। एक ओर हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं के जरिए सरकार विकास का संदेश दे रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे मिशन 2027 की चुनावी तैयारी के तौर पर पेश कर रहा है।

अब सबसे बड़ी कसौटी यह होगी कि घोषित परियोजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं या नहीं और उनका लाभ जनता तक कितनी प्रभावी ढंग से पहुंचता है। राजनीतिक रूप से भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ये दौरे आने वाले महीनों में उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति का प्रमुख मुद्दा बने रहने के संकेत दे रहे हैं।

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