Etah News: एटा में दो मामलों में दोषियों को सजा, नाबालिग से दुष्कर्म में 20 साल की जेल
Etah News: एटा में ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पुलिस की प्रभावी पैरवी से अदालत ने दो मामलों में दोषियों को सजा सुनाई, एक मामले में 20 साल की जेल हुई।
एटा में दो मामलों में दोषियों को सजा, नाबालिग से दुष्कर्म में 20 साल की जेल (Photo- Newstrack)
Etah News: एटा में ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत पुलिस और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के चलते अदालत ने दो अलग-अलग मामलों में दोषियों को सजा सुनाई है। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो एक्सक्लूसिव कोर्ट ने दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 73 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं करीब 14 साल पुराने आर्म्स एक्ट के मामले में जिला जज की अदालत ने दोषी को एक वर्ष के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में 20 साल की सजा
पहला मामला थाना राजा का रामपुर क्षेत्र से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार 19 जून 2024 को पीड़ित के पिता ने थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि अभियुक्त नाबालिग को खेत में ले गया और उसके साथ गलत काम किया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 36/2024 दर्ज किया था। इसमें धारा 377, 504, 506 आईपीसी, धारा 5एम/6 पॉक्सो एक्ट और धारा 3(2)5 एससी/एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी।
मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने साक्ष्य जुटाए और जांच पूरी की। गुणवत्तापूर्ण विवेचना के बाद विवेचक ने 30 जुलाई 2024 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। इसके बाद मामले को ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत प्रभावी पैरवी के लिए चिन्हित किया गया।
मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन शाखा ने की प्रभावी पैरवी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल ने मामले की लगातार निगरानी की। न्यायालय में विचारण के दौरान मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन शाखा की ओर से प्रभावी पैरवी की गई। पुलिस के अनुसार इसी प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप पॉक्सो एक्सक्लूसिव कोर्ट, एटा ने अभियुक्त पुष्पेंद्र उर्फ भोला पुत्र शिववीर सिंह निवासी राजपुर अड्डा, थाना राजा का रामपुर, एटा को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 73 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत गंभीर अपराधों में दोषियों को अधिकतम सजा दिलाने के लिए गुणवत्तापूर्ण विवेचना और प्रभावी अभियोजन पैरवी पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
14 साल पुराने आर्म्स एक्ट मामले में एक साल की सजा
दूसरा मामला थाना मिरहची से संबंधित है, जो करीब 14 साल पुराना है। पुलिस के अनुसार 29 मई 2012 को थाना मिरहची में दी गई तहरीर के आधार पर अभियुक्त के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 139/2012 धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। तहरीर में अभियुक्त पर वादिया के पति की गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगाया गया था।
मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने साक्ष्य संकलित करते हुए जांच पूरी की। विवेचक ने 10 जून 2012 को आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिया था। इसके बाद मामला लंबे समय तक न्यायालय में विचाराधीन रहा।
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत हुई लगातार निगरानी
अभियुक्त को अधिकाधिक दंड दिलाने के उद्देश्य से शासन के निर्देशों और पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत इस मामले को भी प्रभावी पैरवी के लिए चिन्हित किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल ने मामले की लगातार निगरानी की।
सुनवाई के दौरान मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन शाखा की ओर से न्यायालय में प्रभावी पैरवी की गई। इसके परिणामस्वरूप 10 अगस्त 2026 को जिला जज राकेशधर दुबे की अदालत ने अभियुक्त कैलाश पुत्र मुरलीधर निवासी नूरपुर, थाना सकीट, जनपद एटा को एक वर्ष के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा इलामारन जी के अनुसार ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पुराने और चिन्हित अभियोगों में प्रभावी पैरवी कर दोषियों को न्यायालय से सजा दिलाने की कार्रवाई लगातार जारी है।