Etah News: सोमवती अमावस्या पर उमड़ा आस्था का सैलाब, कछला गंगा घाट जाने वाले मार्गों पर लगा लंबा जाम
Etah News : सोमवती अमावस्या पर कछला गंगा घाट पर आस्था का सैलाब उमड़ा, एटा-कासगंज मार्गों पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया
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Etah News: पुरुषोत्तम मास की सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर गंगा स्नान के लिए रविवार रात से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। कासगंज जनपद के सोरों, कछला गंगा घाट सहित आसपास के धार्मिक स्थलों पर लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते कासगंज से कछला तक तथा एटा से कासगंज जाने वाले प्रमुख मार्गों पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही।एक बार दो घंटों में तय होने वाला सफर घंटों में तय किया गया कछला से एटा तक का सफर करने में लोगों को 11 घंटे तक लगे।
जानकारी के अनुसार रविवार शाम से ही वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। एटा शहर में भी जाम लगा रहा जिसकी सोमवार तड़के चार बजे के बाद स्थिति और गंभीर हो गई तथा कासगंज-सोरों कछला मार्ग पर यातायात रेंगने लगा। श्रद्धालुओं को गंगा स्नान कर वापस लौटने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। भूखे प्यासे श्रद्धालु कछला से एटा तक की दूरी तय करने में लगभग 10 से 11 घंटे तक जाम में फंसे रहे कछला से गंगा स्नान कर एटा वापस लौटने वाले वाले एक श्रद्धालु प्रवेंद्र कुमार ने बताया कि मुझे कछला से एटा पहुंचने में 11 घंटे का समय लगा रास्ते में है मुझे न तो पानी मिला और न कुछ खाने को।
राजस्थान और मध्य प्रदेश आदि स्थानों से पहुंचे हजारों श्रद्धालु
सोमवती अमावस्या पर राजस्थान और मध्य प्रदेश तथा उत्तर प्रदेश के की दूरदराज के जनपदों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सोरों, कछला घाट पहुंचे। अनेक श्रद्धालु अपने गृह देवताओं की शिलापट्टिकाएं सिर पर रखकर लंबी पैदल यात्रा करते हुए गंगा तट तक पहुंचे। भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं ने 15 से 20 किलोमीटर तक पैदल चलकर कछला घाट पहुंचकर विधि-विधान के साथ गंगा स्नान और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए।
सोरों से कछला तक पैदल चले श्रद्धालु
भीड़ और जाम को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने कई स्थानों पर वाहनों को रोक दिया था। इसके चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को सोरों से कछला घाट तक पैदल ही सफर करना पड़ा। मार्ग में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। गर्मी और उमस के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी।
जगह-जगह लगाए गए सेवा शिविर
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं और स्थानीय लोगों द्वारा मार्ग में जगह-जगह जल सेवा एवं शरबत वितरण शिविर लगाए गए। श्रद्धालुओं को पानी की बोतलें, पानी के पाउच और अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की गई। सेवा शिविरों पर लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली।
प्रमुख मार्गों पर भी पड़ा असर
कछला गंगा घाट की ओर जाने वाले वाहनों की अत्यधिक संख्या का असर आसपास के कई प्रमुख मार्गों पर भी दिखाई दिया। टूंडला-एटा मार्ग, हाथरस-कछला मार्ग, आगरा-बरेली हाईवे तथा मथुरा-पीलीभीत मार्ग पर भी घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। श्रद्धालुओं के वाहनों की लंबी कतारों के कारण सामान्य यात्रियों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
रोडवेज बस सेवा हुई प्रभावित
श्रद्धालुओं की भीड़ और जाम के कारण रोडवेज बसों का संचालन भी बुरी तरह प्रभावित रहा। आगरा-बरेली और मथुरा-पीलीभीत मार्ग पर संचालित कई बसें घंटों जाम में फंसी रहीं। यात्रियों को निर्धारित समय से काफी देरी से अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। कई स्थानों पर रोडवेज की व्यवस्था भी चरमराई हुई दिखाई दी।
प्रशासनिक तैयारियों पर उठे सवाल
सोमवती अमावस्या पर लाखों श्रद्धालुओं के आगमन के बावजूद यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने में प्रशासन और पुलिस व्यवस्था कई स्थानों पर नाकाम नजर आई। घंटों तक लगे जाम और श्रद्धालुओं की परेशानियों ने प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए। हालांकि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार व्यवस्था संभालने में जुटे रहे, लेकिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के आगे सभी इंतजाम अपर्याप्त साबित हुए।
गंगा तट पर दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही और शाम तक वाहनों की लंबी कतारें विभिन्न मार्गों पर दिखाई देती रहीं। सोमवती अमावस्या के इस पावन अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं ने मां गंगा में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया, लेकिन आस्था के इस महापर्व पर जाम ने श्रद्धालुओं की यात्रा को बेहद कठिन बना दिया।समाचार लिखे जाने तक जाम की स्थिति बनी हुई थी।