Gonda News: सीएचसी की नाक के नीचे झोलाछाप का खेल, तीन साल की मासूम की जिंदगी दांव पर
Gonda News: गोंडा में कथित झोलाछाप से इलाज के बाद तीन वर्षीय बच्ची की हालत बिगड़ने का आरोप लगा है। परिजनों ने कार्रवाई और प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।
सीएचसी की नाक के नीचे झोलाछाप का खेल, तीन साल की मासूम की जिंदगी दांव पर (Photo- Newstrack)
Gonda News: गोंडा जिले में स्वास्थ्य विभाग के दावों पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि सीएचसी करनैलगंज से कुछ किलोमीटर दूर छतौनी चौराहे पर एक कथित डॉक्टर लंबे समय से क्लीनिक चला रहा है। इस मामले में तीन साल की मासूम रहनुमा की हालत गंभीर बताई जा रही है। परिजनों का आरोप है कि 29 जुलाई से लेकर अब तक मुख्यमंत्री पोर्टल, पुलिस अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा अधिकारी समेत कई अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।
बुखार के इलाज के बाद बिगड़ी बच्ची की हालत
भुलियापुर निवासी ननकू के मुताबिक उनकी तीन वर्षीय बेटी रहनुमा को बुखार था। इलाज के लिए वह उसे छतौनी चौराहे पर अरविन्द कुमार वर्मा नाम के कथित डॉक्टर के क्लीनिक लेकर गए। आरोप है कि वहां बच्ची को इंजेक्शन और दवा देने के बाद घर भेज दिया गया।
परिजनों का कहना है कि कुछ ही देर बाद बच्ची के शरीर पर पहले दाने निकले और फिर बड़े-बड़े छाले पड़ गए। इसके बाद संक्रमण फैलने लगा। जब वह दोबारा क्लीनिक पहुंचे तो आरोप है कि कथित डॉक्टर ने उनके साथ गाली-गलौज की, धक्का देकर वहां से भगा दिया और हाथ-पैर तोड़ने की धमकी भी दी।
अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही है मासूम
परिजनों के अनुसार बच्ची को पहले मुस्तफाबाद अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे बहराइच रेफर कर दिया गया। बताया गया कि इलाज के दौरान बच्ची को दो बार खून चढ़ाया जा चुका है और उसकी हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। पीड़ित पिता ननकू ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की है।
क्लीनिक के संचालन पर उठ रहे सवाल
इस मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में कथित झोलाछाप डॉक्टरों के संचालन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में कई ऐसे क्लीनिक वर्षों से संचालित हो रहे हैं, लेकिन उन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
मामले में यह सवाल भी उठ रहे हैं कि सीएचसी अधीक्षक की निगरानी के बावजूद कथित क्लीनिक कैसे संचालित होता रहा। साथ ही 29 जुलाई से लगातार शिकायतें मिलने के बावजूद पुलिस और प्रशासन की ओर से कार्रवाई क्यों नहीं हुई। स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि आरोपी को किसी तरह का संरक्षण मिल रहा है।
कई अधिकारियों से लगाई गुहार
पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी, पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी, कोतवाली, भंभुआ चौकी और मुख्यमंत्री पोर्टल सहित कई स्तरों पर शिकायत की, लेकिन अब तक उनकी शिकायतों पर एफआईआर दर्ज नहीं हुई। परिवार का आरोप है कि शिकायतों का केवल निस्तारण किया जा रहा है, जबकि बच्ची अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती है।
कार्रवाई की उठी मांग
स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार ने आरोपी अरविन्द कुमार वर्मा के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की है। इसके साथ ही करनैलगंज क्षेत्र में संचालित सभी अवैध क्लीनिकों के खिलाफ अभियान चलाने और मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की भी मांग की गई है।