Gorakhpur News: गोरखपुर से अब 14 फ्लाइट, एक्सप्रेसवे से बढ़ी कनेक्टिविटी, युवा शक्ति से बदली पूर्वी यूपी की अर्थव्यवस्था

Gorakhpur News: सीएम योगी ने गोरखपुर में कहा कि युवा शक्ति के दम पर पूर्वी यूपी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना है। नौ वर्षों में प्रति व्यक्ति आय तीन गुना से अधिक बढ़ी।

Update:2026-08-11 19:15 IST

Gorakhpur News (Image Credit-Social Media)

गोरखपुर, 11 अगस्त: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश अपनी युवा शक्ति के दम पर तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है। यहां के युवाओं में प्रतिभा और परिश्रम की कभी कमी नहीं रही, लेकिन उन्हें लंबे समय तक पर्याप्त अवसर और प्लेटफॉर्म नहीं मिला। पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था तीन गुना हुई है और इस दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय में भी तीन गुना से अधिक वृद्धि हुई है।

मुख्यमंत्री मंगलवार को गोरखपुर में न्यूज-18 इंडिया के ‘बदलता पूर्वी उत्तर प्रदेश’ कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने युवाओं को शिक्षा, स्किलिंग, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया है। उन्हें विश्वास है कि अगले तीन वर्षों में उत्तर प्रदेश एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

युवाओं की प्रतिभा में कमी नहीं, अवसरों की थी कमी

सीएम योगी ने कहा कि युवाओं पर किसी तरह का लांछन लगाना उचित नहीं है। यदि पहले प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा और क्षमता का पूरा उपयोग नहीं हो सका तो इसकी वजह युवाओं की कमी नहीं, बल्कि वह व्यवस्था थी जो उन्हें पर्याप्त अवसर और प्लेटफॉर्म उपलब्ध नहीं करा सकी।

उन्होंने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों ने जब भी अवसर पाया, उन्होंने अपनी क्षमता साबित की। एक समय इस क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग रजिस्टर्ड श्रमिक के रूप में मॉरीशस, फिजी और अन्य देशों में गए। आज उन्हीं लोगों के वंशज कई देशों में महत्वपूर्ण और नेतृत्वकारी भूमिकाओं में हैं।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, पिछले नौ वर्षों में अकेले गोरखपुर में हुए निवेश से करीब 50 हजार युवाओं को रोजगार मिला है।

यूपी में 56 से 60 फीसदी आबादी युवा

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी युवा आबादी वाला राज्य है। प्रदेश की करीब 56 से 60 प्रतिशत आबादी युवा है। सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, आधुनिक तकनीक की ट्रेनिंग, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग के जरिए यूपीएससी, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, नीट और आईआईटी-जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है। इसमें वर्चुअल और फिजिकल दोनों माध्यमों से पढ़ाई की सुविधा है। जिलाधिकारी और अन्य अधिकारी भी युवाओं को मार्गदर्शन देने के लिए समय देते हैं।

AI, ड्रोन और रोबोटिक्स की ट्रेनिंग पर जोर

सीएम योगी ने कहा कि आज युवाओं की सबसे बड़ी जरूरत स्किलिंग की है। इसके लिए प्रदेश में स्किल डेवलपमेंट सेंटर विकसित किए गए हैं। हर जिले में आईटीआई को आधुनिक तकनीक से जोड़कर हब एंड स्पोक मॉडल पर विकसित किया जा रहा है।

इन संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, 3डी प्रिंटिंग और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसे आधुनिक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण के साथ कैंपस सिलेक्शन की व्यवस्था भी की जा रही है।

स्वरोजगार की दिशा में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के साथ पीएम इंटर्नशिप और सीएम इंटर्नशिप जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को अवसर उपलब्ध कराने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।

नौ साल में पूर्वी यूपी को मिले पांच नए विश्वविद्यालय

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में पूर्वी उत्तर प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है। उनकी सरकार के कार्यकाल में गोरखपुर में आयुष विश्वविद्यालय, आजमगढ़ में महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय, बलरामपुर में मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय और मिर्जापुर में मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। हाल में भदोही में काशी नरेश विश्वविद्यालय की स्थापना हुई है।

इस तरह सरकार के मुताबिक, नौ वर्षों में पूर्वी उत्तर प्रदेश में पांच नए विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं।

अब युवा बाहर नहीं जाते, उद्योग यूपी में आना चाहते हैं

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के युवाओं का रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन कम हुआ है। इसका असर दूसरे राज्यों के उद्योगों पर भी पड़ा है। महाराष्ट्र, पंजाब, गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु के उद्यमी अब उत्तर प्रदेश में निवेश करने की इच्छा जता रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में मैनपावर दूसरे राज्यों में जाती थी, लेकिन अब रोजगार के अवसर बढ़ने से युवाओं का बाहर जाना कम हुआ है। इसके चलते दूसरे राज्यों के उद्यमी उत्तर प्रदेश में ही उद्योग स्थापित करने की ओर देख रहे हैं।

बेसिक शिक्षा में ड्रॉपआउट 19 से घटकर 3 प्रतिशत

मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा के क्षेत्र में हुए बदलाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं की स्थिति कमजोर थी और ड्रॉपआउट रेट 19 प्रतिशत से अधिक था।

ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से प्रदेश के 1.36 लाख बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर किया गया है। स्कूलों में अलग-अलग शौचालय, पेयजल, डिजिटल लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लास, फर्नीचर समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

सरकार के मुताबिक, इन प्रयासों का असर स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति पर पड़ा है और ड्रॉपआउट रेट अब घटकर करीब 3 प्रतिशत रह गया है।

माफिया और मच्छर पूर्वी यूपी की त्रासदी थे: योगी

कानून-व्यवस्था और स्वास्थ्य व्यवस्था का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय पूर्वी उत्तर प्रदेश में ‘माफिया’ शब्द की चर्चा आम थी। उन्होंने कहा कि माफिया और मच्छर इस क्षेत्र की बड़ी समस्याओं में शामिल थे।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि माफिया जहां जनता का शोषण करते थे, वहीं मच्छर बीमारियों का कारण बनते थे। उन्होंने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश लंबे समय तक बीमारी, बाढ़, अराजकता और पलायन जैसी समस्याओं से जूझता रहा।

इंसेफेलाइटिस के खिलाफ दो साल में समाधान का दावा

सीएम योगी ने इंसेफेलाइटिस की समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने इस बीमारी के खिलाफ करीब 18-19 वर्षों तक संघर्ष किया। सांसद रहते हुए उन्होंने इस मुद्दे को संसद और सड़क दोनों स्तरों पर उठाया।

उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद दो वर्षों के भीतर इंसेफेलाइटिस की समस्या के समाधान की दिशा में प्रभावी काम किया गया। उनके मुताबिक, बीमारी की त्रासदी झेलने वाला पूर्वी उत्तर प्रदेश अब मेडिकल सुविधाओं के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है।

उन्होंने गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज के विस्तार और गोरखपुर में एम्स की स्थापना का भी उल्लेख किया।

कुशीनगर से सोनभद्र तक मेडिकल कॉलेजों का नेटवर्क

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं। इनमें कुशीनगर, देवरिया, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, बहराइच, गोंडा, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, गाजीपुर, आजमगढ़, चंदौली, सोनभद्र, मिर्जापुर और अंबेडकरनगर शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मऊ में मेडिकल कॉलेज का निर्माण भी चल रहा है।

गोरखपुर से अब 14 फ्लाइट, एक्सप्रेसवे ने बदली तस्वीर

सीएम योगी ने कहा कि करीब एक दशक पहले गोरखपुर से कभी-कभार एक फ्लाइट संचालित होती थी, जबकि अब यहां से 14 उड़ानें संचालित हो रही हैं। उन्होंने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे, हाईवे और बेहतर इंटरस्टेट कनेक्टिविटी को पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर के फर्टिलाइजर कारखाने, पिपराइच और मुंडेरवा चीनी मिलों तथा अन्य औद्योगिक इकाइयों के दोबारा संचालन का भी उल्लेख किया।

धार्मिक पर्यटन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती

मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी और अयोध्या में हुए विकास ने आस्था के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दी है। काशी विश्वनाथ धाम के विकास और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिला है।

उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्यटन का विस्तार उत्तर प्रदेश और विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है।

विकसित यूपी से बनेगा विकसित भारत

सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश का विकसित होना जरूरी है। इसी तरह विकसित उत्तर प्रदेश का लक्ष्य तभी हासिल होगा, जब पूर्वी, पश्चिमी, मध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र समान रूप से विकास की दिशा में आगे बढ़ें।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास विकास का लाभ हर गांव, गरीब, किसान, नौजवान और महिला तक पहुंचाने का है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की आवाज और उसकी अपेक्षाओं को सुनना जरूरी है।

कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर, गोरखपुर के सांसद रवि किशन, न्यूज-18 इंडिया के मुख्य संपादक राहुल जोशी समेत अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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