हापुड़ में बाराबंकी लाठीचार्ज पर एबीवीपी का फूटा गुस्सा,छात्र कार्यकर्ताओं का उग्र प्रदर्शन
बाराबंकी विश्वविद्यालय में बिना मान्यता एलएलबी विवाद पर एबीवीपी ने हापुड़ में बड़ा प्रदर्शन किया।
Hapur ABVP protest against ram swaroop university
Hapur News: बाराबंकी के रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय में बिना मान्यता एलएलबी कोर्स चलाने के विवाद ने बड़ा राजनीतिक और छात्र आंदोलन का रूप ले लिया है। इसी मामले में जब छात्रों ने विरोध किया तो पुलिस ने लाठियां बरसाईं, जिससे छात्र बुरी तरह घायल हो गए। इस घटना ने पूरे प्रदेश में छात्र संगठनों में उबाल पैदा कर दिया है।गुरुवार को इसी मुद्दे को लेकर हापुड़ में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। एसएसवी पीजी कॉलेज गेट पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए एबीवीपी ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और कहा कि यदि छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश की गई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा
छात्रों का आक्रोश,लोकतंत्र पर हमला"
एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कहा कि बाराबंकी में जिस तरह निर्दोष छात्रों पर बर्बर लाठीचार्ज किया गया, वह लोकतंत्र और छात्रों की आज़ादी पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने सत्ता के दबाव में आकर छात्रों की आवाज कुचलने का प्रयास किया है।जिला संयोजक आकाश शर्मा ने कहा छात्रों को डराकर उनकी आवाज बंद नहीं की जा सकती। यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।”
उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग
एबीवीपी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि घटना की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी पुलिस अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही, बिना मान्यता एलएलबी कोर्स चलाने की पूरी सच्चाई सामने लाकर जिम्मेदार विश्वविद्यालय प्रशासन पर भी कड़ी कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शन में जुटी बड़ी संख्या
प्रदर्शन में छात्र-छात्राओं की बड़ी संख्या देखी गई। इनमें सागर कौशिक, आकाश शर्मा, तुषार भारद्वाज, अंजली मिश्रा, अमन ठाकुर, अनुज वर्मा समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की,छात्रों की आवाज दबाना बंद करो,“लाठी नहीं, शिक्षा दो” “पुलिस प्रशासन होश में आओ”
आंदोलन की चेतावनी
एबीवीपी ने साफ कर दिया कि यदि निर्दोष छात्रों को न्याय नहीं मिला तो हापुड़ ही नहीं बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में व्यापक आंदोलन किया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने कहा कि अब यह लड़ाई केवल बाराबंकी के छात्रों की नहीं बल्कि पूरे देश के युवाओं की लड़ाई बन चुकी है।