Hapur News: धौलाना में 150 करोड़ की सरकारी जमीन पर फर्जी पट्टों का खेल, 400 करोड़ की फैक्ट्रियां घोटाले के घेरे में,ग्राम प्रधान पहुंचे हाईकोर्ट
Hapur News: हापुड़ के तहसील धौलाना में सरकारी जमीन पर हुए कथित घोटाले ने प्रशासन और ग्रामीणों के बीच टकराव की स्थिति पैदा कर दी है।
Dhaulana land scam
Hapur News :- यूपी के जनपद हापुड़ के तहसील धौलाना में सरकारी जमीन पर हुए कथित घोटाले ने प्रशासन और ग्रामीणों के बीच टकराव की स्थिति पैदा कर दी है। ग्राम प्रधान अतीक अहमद ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि ग्राम समाज की लगभग 150 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी भूमि को फर्जी पट्टों के जरिए बेच दिया गया। इस जमीन पर बनी दो बड़ी फैक्ट्रियों में अब तक करीब 400 करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है।
फर्जी पट्टों का खेल कैसे हुआ?
ग्राम प्रधान अतीक अहमद के अनुसार, करीब तीन वर्ष पहले भूमाफियाओं ने सरकारी जमीन के नकली दस्तावेज तैयार कर उसे करोड़ों रुपये में दो बड़ी औद्योगिक इकाइयों को बेच दिया। इस मामले में तत्कालीन जांच में 12 लोगों के खिलाफ पुलिस रिपोर्ट दर्ज हुई थी। मंडलायुक्त की रिपोर्ट में भी सभी पट्टे फर्जी करार दिए गए थे। इसके बावजूद आरोप है कि भूमाफियाओं ने तहसील प्रशासन से मिलीभगत कर राजस्व परिषद इलाहाबाद से सभी पट्टों को बहाल करा लिया। ग्राम प्रधान का आरोप है कि यह पूरी साजिश प्रभावशाली लोगों के संरक्षण में हुई, जिसके कारण ग्रामीणों की जमीन उनसे छिन गई।
ग्राम प्रधान की हाईकोर्ट में याचिका
अतीक अहमद ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर फर्जी पट्टों की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि आज भी विवादित भूमि पर बाहरी लोगों का कब्जा है और ग्राम समाज को न्याय दिलाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
एसडीएम का बड़ा बयान
इस पूरे मामले पर उपजिलाधिकारी एसडीएम धौलाना रेनू सिंह ने कहा,पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कराई जा रही है। हमने संबंधित रिकार्ड और दस्तावेजों की मांग की है और यह देखा जा रहा है कि किस स्तर पर फर्जी पट्टों को बहाल किया गया। भूमाफिया और किसी भी अधिकारी-कर्मचारी की मिलीभगत पाई गई तो किसी को बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों के खिलाफ राजस्व और फौजदारी दोनों धाराओं में कार्रवाई होगी। हमारा प्रयास है कि ग्राम समाज की भूमि का संरक्षण किया जाए और अवैध कब्जे जल्द से जल्द हटाए जाएं।”एसडीएम ने यह भी कहा कि, “यह मामला गंभीर है और जिला प्रशासन पूरी पारदर्शिता के साथ इसकी जांच कर रहा है। हाईकोर्ट के आदेश और जांच रिपोर्ट के आधार पर सभी अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।”
अब सबकी नजर हाईकोर्ट की सुनवाई पर
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह घोटाला भूमाफियाओं और प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत का नतीजा है। हाईकोर्ट में याचिका के बाद उम्मीद है कि ग्राम समाज की जमीन वापस मिलेगी और जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई होगी।