Hapur News: हापुड़ में फैक्ट्री का जर्जर टीन शेड ढहा, मलबे में दबकर चार मजदूर गंभीर रूप से घायल, पुलिस ने शुरू की जांच
Hapur News: रविवार की सुबह जब कुछ मजदूर अपने काम में व्यस्त थे, उसी दौरान तेज बारिश के बीच फैक्ट्री का एक पुराना और जर्जर टीन शेड अचानक ढह गया।
Hapur News: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जनपद के पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र में रविवार सुबह एक गंभीर औद्योगिक हादसा हुआ। धौलाना-पिलखुवा रोड स्थित सालासर फैक्ट्री में एक जर्जर टीन शेड भरभराकर गिर गया, जिससे चार मजदूर मलबे में दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के समय फैक्ट्री में बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे थे।
यह था पूरा प्रकरण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सालासर फैक्ट्री में मुख्य रूप से स्क्रैप लोहा गलाकर निर्माण सामग्री तैयार की जाती है। यहां काम करने वाले अधिकतर मजदूर बाहरी जिलों से आते हैं और फैक्ट्री परिसर में ही रहते हैं। रविवार की सुबह जब कुछ मजदूर अपने काम में व्यस्त थे, उसी दौरान तेज बारिश के बीच फैक्ट्री का एक पुराना और जर्जर टीन शेड अचानक ढह गया। इसके नीचे चार मजदूर दब गए, जिससे परिसर में अफरा-तफरी मच गई।फैक्ट्री में मौजूद अन्य मजदूरों और कर्मचारियों ने तुरंत मलबा हटाने का प्रयास किया और घायलों को बाहर निकाला। प्राथमिक राहत कार्य के बाद सभी घायल मजदूरों को तत्काल नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दो की हालत को चिकित्सकों ने अत्यंत गंभीर बताया है।
सूचना मिलते ही दौड़ी पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने निरीक्षण करते हुए घायलों की स्थिति की जानकारी ली। सीओ पिलखुवा अनीता चौहान ने बताया कि घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा जर्जर हो चुके टीन शेड को समय रहते न हटाना हादसे की वजह बना। उन्होंने कहा कि घायल मजदूरों का उपचार जारी है और यदि लापरवाही पाई जाती है तो फैक्ट्री प्रबंधन के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी
यह हादसा न केवल फैक्ट्री प्रबंधन की लापरवाही को दर्शाता है, बल्कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को भी उजागर करता है। वर्षा ऋतु में जर्जर छतें और कमजोर संरचनाएं दुर्घटना को न्यौता देती हैं, इसके बावजूद फैक्ट्री ने किसी प्रकार का मरम्मत कार्य नहीं कराया था। नियमानुसार, किसी भी फैक्ट्री को संचालन से पूर्व श्रम विभाग और सुरक्षा निरीक्षण इकाई से सुरक्षा स्वीकृति प्राप्त करनी होती है। यदि उक्त फैक्ट्री ने सुरक्षा मापदंडों की अनदेखी की है, तो यह गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आएगा।
दोषियों पर की कार्यवाही की मांग
स्थानीय श्रमिक संगठनों ने भी इस घटना की निंदा करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद फैक्ट्री प्रबंधन ने कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर कोई गंभीर प्रयास नहीं किया, जिससे मजदूरों की जान जोखिम में पड़ गई।
निष्कर्ष व आगे की कार्रवाई
सालासर फैक्ट्री में रविवार को हुआ यह हादसा एक चेतावनी है कि औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। फैक्ट्री में कार्यरत मजदूरों की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि नियमित निरीक्षण, समय पर मरम्मत और सभी सुरक्षा उपायों का सख्ती से पालन किया जाए।