Hapur News : हापुड़ में कार्तिक पूर्णिमा मेला 2025: गंगा स्नान, दो दिन स्कूल बंद, प्रशासन अलर्ट"
Hapur News : हापुड़ में कार्तिक पूर्णिमा मेले की धूम, दो दिन स्कूल बंद, लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान को उमड़ेंगे, प्रशासन ने की सख्त तैयारी।
Hapur Kartik Purnima Mela 2025 ( Image From Social Media )
Hapur News :-पवित्र कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर्व को लेकर हापुड़ जिला प्रशासन ने तैयारियों का पूरा खाका तैयार कर लिया है।तीर्थ नगरी के खादर और ब्रजघाट में इस बार लाखों श्रद्धालुओं की आमद की संभावना को देखते हुए जिलाधिकारी अभिषेक पांडे ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने जनपद के सभी विद्यालयों में दो दिन का अवकाश घोषित किया है, ताकि भीड़भाड़ के बीच छात्रों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।
3 से 4 नवंबर तक बंद रहेंगे सभी स्कूल
कार्यालय आदेश में उल्लेख है कि गढ़मुक्तेश्वर में लगने वाले विशाल कार्तिक पूर्णिमा गंगा मेले के दौरान मुख्य राजमार्गों और रास्तों पर भारी भीड़भाड़ होती है। विद्यालयों के आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।बीएसए ऋतु सोम ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि अवकाश के दिनों में कोई विद्यालय खुला पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
गंगा तट बनेगा श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का केंद्र
गढ़मुक्तेश्वर और ब्रजघाट के पावन गंगा तट पर कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर आस्था का महासंगम देखने को मिलेगा।भोर होते ही लाखों श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाकर पापमोचन और मोक्ष की कामना करेंगे।गंगा तटों पर दीपदान, भजन संध्या, कथा प्रवचन, कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों की गूंज रहेगी।गंगा के रेतीले टापुओं पर उत्सव का दृश्य किसी समुद्र तट की रौनक से कम नहीं होगा। श्रद्धालु परिवारों के साथ पूजा-अर्चना के साथ-साथ मस्ती और आनंद में सराबोर नजर आएंगे। महिलाएं दीप प्रवाह करती दिखेंगी, बच्चे रेत में खेलते नज़र आएंगे और बुजुर्ग ध्यान-भक्ति में लीन रहेंगे।
प्रशासन ने कसी कमर, सुरक्षा और व्यवस्था पर कड़ा नियंत्रण
जिलाधिकारी अभिषेक पांडे ने कहा कि कार्तिक पूर्णिमा मेला हापुड़ जिले की पहचान है और श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।मेले में तीन हजार से अधिक पुलिसकर्मी, पीएसी जवान और खुफिया कर्मी तैनात रहेंगे।ड्रोन कैमरे और सीसीटीवी निगरानी सिस्टम के माध्यम से मेला क्षेत्र की चौबीसों घंटे निगरानी होगी।जिला प्रशासन ने विशेष नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) स्थापित किया है, जहां से पूरे मेले की गतिविधियों की निगरानी की जाएगी।नगर पालिका परिषद को सफाई, पेयजल, शौचालय और कूड़ा निस्तारण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।स्वास्थ्य विभाग ने गंगा घाटों पर 24 घंटे मेडिकल कैंप, एम्बुलेंस, डॉक्टरों और लाइफगार्ड की टीम तैनात करने का आदेश दिया है।
ट्रैफिक और पार्किंग के लिए बनाए गए विशेष इंतज़ाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू किया है।
गढ़मुक्तेश्वर और ब्रजघाट जाने वाले मुख्य मार्गों पर बसों और स्कूल वाहनों के संचालन पर रोक रहेगी।वाहनों के सुचारू संचालन के लिए अस्थायी पार्किंग स्थल और वैकल्पिक मार्ग बनाए गए हैं।ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिया गया है कि कोई भी वाहन घाटों की ओर अनावश्यक रूप से न जाने पाए।डीएम ने कहा कि प्रशासन की कोशिश है कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और सभी श्रद्धालु सुरक्षित रूप से गंगा स्नान कर सकें।
डीएम अभिषेक पांडे की अपील,सुरक्षा हमारी, सहयोग आपका”
“कार्तिक पूर्णिमा मेला हापुड़ की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है।प्रशासन की ओर से सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं ताकि हर श्रद्धालु शांति, सुरक्षा और श्रद्धा के साथ गंगा स्नान कर सके।”डीएम ने जनपदवासियों से अपील की हैं वे प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें, भीड़भाड़ वाले इलाकों में सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
मेले में सांस्कृतिक झलक और ग्रामीण जीवन का रंग
कार्तिक पूर्णिमा मेले में धार्मिक आयोजन के साथ-साथ लोक संस्कृति और मनोरंजन का अनोखा संगम भी देखने को मिलेगा।गंगा तटों पर कुश्ती दंगल, लोक नृत्य, लोकगीत, झूले, हस्तशिल्प प्रदर्शनियां और व्यापारिक स्टॉलों से पूरा क्षेत्र मेले के रंग में रंग जाएगा।ग्रामीण क्षेत्रों से आए किसान और पशुपालक पशु बाजार में अपने घोड़े, गधे, खच्चर और अन्य पशु खरीद-बिक्री के लिए लाएंगे।पांच लाख रुपये तक की दुर्लभ नस्ल की घोड़ी मेले में आकर्षण का केंद्र बनेगी।
आस्था की रोशनी में नहाएंगे गंगा घाट
रात में जब गंगा तटों पर दीपदान और आरती का दृश्य सजेगा, तो पूरा ब्रजघाट और गढ़मुक्तेश्वर दीपों के सागर में परिवर्तित हो जाएगा।गंगा की लहरों पर तैरते दीप श्रद्धा की ज्योति का संदेश देंगे।श्रद्धालु गंगा स्नान के बाद पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे।
जनता में उत्साह, स्थानीय व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
मेले के चलते स्थानीय बाजारों में रौनक लौट आई है। व्यापारी, होटल, दुकानदार और परिवहन सेवाएं पूरी तरह सक्रिय हैं।गढ़मुक्तेश्वर में अस्थायी बाजार सज चुके हैं, जहां मिठाइयों, खिलौनों, कपड़ों और पूजा सामग्री की बिक्री जोरों पर है.स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मेला न केवल आस्था का प्रतीक है बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देता है।