Hapur News: पिलखुवा नगर पालिका के सौंदर्यीकरण कार्य पर विवाद, सरकारी संपत्ति पर नाम लिखने का आरोप

Hapur News: पिलखुवा नगर पालिका के सौंदर्यीकरण कार्यों में सरकारी संपत्तियों पर व्यक्ति विशेष का नाम लिखने का आरोप, सामाजिक कार्यकर्ता ने डीएम से जांच की मांग की।

By :  Avnish Pal
Update:2026-08-04 21:01 IST

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Hapur News: हापुड़ जनपद के पिलखुवा नगर पालिका परिषद में चल रहे सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। सरकारी संपत्तियों पर कथित रूप से व्यक्ति विशेष का नाम अंकित किए जाने का मामला अब जिला प्रशासन तक पहुंच गया है। सामाजिक कार्यकर्ता ने जिलाधिकारी से शिकायत कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, सरकारी संपत्तियों से नाम हटाने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के बाद नगर पालिका के कार्यों की पारदर्शिता पर भी सवाल उठने लगे हैं ।

शिकायतकर्ता सामाजिक कार्यकर्ता गौरव चौहान ने जिलाधिकारी को भेजे अपने शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि नगर पालिका परिषद पिलखुवा की ओर से शहर में विभिन्न स्थानों पर सौंदर्यीकरण कार्य कराए जा रहे हैं, लेकिन अधिकांश स्थानों पर कार्य की अनुमानित लागत, कार्यदायी संस्था और निर्माण अवधि से संबंधित कोई सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया है। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस तरह की जानकारी सार्वजनिक करना आवश्यक होता है।

सरकारी संपत्ति किसी व्यक्ति विशेष की नहीं

गौरव चौहान का कहना है कि नगर पालिका द्वारा कराए जा रहे कार्यों के दौरान सरकारी संपत्तियों पर किसी व्यक्ति विशेष का नाम अंकित किया गया है। उन्होंने इसे नियमों और प्रशासनिक व्यवस्था के विपरीत बताते हुए कहा कि सरकारी भवन, दीवारें, पार्क और अन्य सार्वजनिक संपत्तियां जनता की संपत्ति होती हैं, न कि किसी व्यक्ति की निजी उपलब्धि। ऐसे में सरकारी संपत्तियों पर किसी व्यक्ति विशेष का नाम लिखना उचित नहीं माना जा सकता।

जांच कर नाम हटाने की मांग

शिकायत में जिलाधिकारी से मांग की गई है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो सरकारी संपत्तियों पर लिखे गए नाम तत्काल हटाए जाएं और भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। साथ ही, यदि किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों की अनदेखी हुई है तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।

पारदर्शिता पर उठे सवाल

मामले ने नगर पालिका परिषद के सौंदर्यीकरण कार्यों की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक धन से होने वाले विकास कार्यों में लागत, योजना और कार्यदायी संस्था की जानकारी सार्वजनिक होना जरूरी है, ताकि नागरिकों को विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके और जवाबदेही तय हो सके।

अब यह मामला जिला प्रशासन के संज्ञान में पहुंच चुका है। लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शिकायत की जांच के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है और क्या सरकारी संपत्तियों पर लिखे गए नामों को हटाने के निर्देश जारी किए जाते हैं। यदि जांच में शिकायत सही पाई जाती है तो यह मामला नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर भी बड़े सवाल खड़े कर सकता है। 

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