Hapur News: दहेज लोभियों की हैवानियत: गर्भवती महिला की पिटाई से अजन्मे बच्चे की मौत, मुकदमा दर्ज

Hapur News: हापुड़ में गर्भवती महिला को दहेज न लाने पर ससुराल वालों ने बेरहमी से पीटा, गर्भ में पल रहे शिशु की मौत

By :  Avnish Pal
Update:2025-10-29 12:33 IST

दहेज के लोभियों ने ली अजन्मे बच्चे की जान  (photo: social media )

Hapur News: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र के गांव आलमपुर निवासी एक गर्भवती विवाहिता को उसके ही ससुराल वालों ने इतनी बेरहमी से पीटा कि उसके गर्भ में पल रहे शिशु की मौत हो गई। आरोप है कि महिला को दहेज में पांच लाख रुपये और कार न लाने पर प्रताड़ित किया गया।

शादी में 20 लाख खर्च, फिर भी नहीं भरा ससुराल पक्ष का पेट

पीड़िता कविता ने बताया कि 27 जनवरी 2022 को उसकी शादी पिलखुवा के मोहल्ला अर्जुन नगर निवासी विशाल तोमर के साथ धूमधाम से हुई थी। पिता ने बेटी की खुशियों के लिए करीब 20 लाख रुपये खर्च किए और भरपूर दान-दहेज दिया। लेकिन यह सब ससुराल वालों को रास नहीं आया।कविता के अनुसार, उसके पति विशाल तोमर, सास सुनीता, ससुर बिजेंद्र सिंह तोमर, देवर रोहित, मोहित, लक्की, ननद प्रियंका, शिवानी, मेघा और चचेरी सास रजनी लगातार पांच लाख रुपये नकद और एक कार की मांग करते रहे।

दहेज का विरोध किया तो की बेरहमी से पिटाई

जब कविता ने दहेज की मांग का विरोध किया तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। छह महीने पहले भी उसे घर से निकाल दिया गया था, जिसके बाद उसने पुलिस से शिकायत की थी। उस वक्त पंचायत और थाने के दबाव में ससुराल वाले माफी मांगकर उसे वापस घर ले गए, लेकिन कुछ ही दिनों बाद फिर से उत्पीड़न का सिलसिला शुरू हो गया।

चार माह की गर्भवती होने के बाद भी नहीं छोड़ा अत्याचार

कविता ने बताया कि वह कुछ महीने पहले गर्भवती हो गई थी। इसके बावजूद ससुरालियों ने उसके साथ अत्याचार बंद नहीं किया। उल्टा, वे उसके पति की दूसरी शादी करवाने की साजिश रचने लगे।पीड़िता के मुताबिक, 18 अक्टूबर की रात को ससुराल पक्ष के सभी लोगों ने मिलकर उसे कमरे में बंद कर दिया और बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। आरोप है कि जान से मारने के इरादे से उसके पेट पर लात-घूसे मारे गए, जिससे गर्भ में पल रहे मासूम की दर्दनाक मौत हो गई।

मायके वालों को भी दी गालियां, फिर अस्पताल में भर्ती

पीड़िता ने किसी तरह अपने मायके फोन कर घटना की जानकारी दी। जब मायके वाले ससुराल पहुंचे तो उनके साथ भी अभद्रता की गई और उन्हें घर से भगा दिया गया। इसके बाद घायल कविता को मायके पक्ष के लोग पास के अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने बताया कि गर्भस्थ शिशु की मृत्यु हो चुकी है।

एसपी के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा

पीड़िता ने न्याय के लिए पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह को लिखित शिकायत दी। एसपी के आदेश पर पिलखुवा थाना पुलिस ने पति, सास, ससुर, देवरों और ननदों सहित सभी आरोपियों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, जान से मारने की धमकी, मारपीट और गर्भपात कराने जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जल्द गिरफ्तारी की बात कही है।

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