Hapur News: वैशाख अमावस्या पर ब्रजघाट में आस्था का सैलाब, लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई डुबकी

Hapur News: हापुड़ के ब्रजघाट में वैशाख अमावस्या पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया, भक्ति और आस्था का महासंगम

By :  Avnish Pal
Update:2026-04-17 11:59 IST

Hapur News: पावन वैशाख अमावस्या के अवसर पर तीर्थ नगरी ब्रजघाट में आस्था का अद्भुत सैलाब उमड़ पड़ा। गंगा स्नान को लेकर श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। शुक्रवार तड़के चार बजे से ही गंगा तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और देखते ही देखते पूरा घाट ‘हर-हर गंगे’ और ‘जय मां गंगे’ के जयघोष से गूंज उठा। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।

गुरुवार रात से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था। वैशाख अमावस्या के पावन अवसर पर ब्रजघाट में श्रद्धालुओं का पहुंचना गुरुवार देर शाम से ही शुरू हो गया था। हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु वाहनों, बसों और ट्रेनों के माध्यम से यहां पहुंचे। पूरी रात घाटों पर चहल-पहल बनी रही और सुबह होते-होते यह संख्या लाखों में पहुंच गई।

ब्रजघाट के प्रमुख घाटों—घंटाघर घाट, आरती स्थल घाट, चौरासी घंटे वाला घाट, पीडब्ल्यूडी वीआईपी घाट और कन्हैया घाट पर श्रद्धालुओं की सबसे अधिक भीड़ देखने को मिली। प्रशासन द्वारा पहले से किए गए इंतजामों के चलते श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। अमावस्या से एक दिन पहले ही पुलिस और प्रशासन ने घाटों पर हुए अतिक्रमण को हटवा दिया था, जिससे भीड़ को सुचारु रूप से नियंत्रित किया जा सका।

गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने गंगा तट पर मौजूद पुरोहितों के सानिध्य में अपने पितरों के निमित्त पिंडदान, तर्पण और अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। मान्यता के अनुसार इस दिन पितृ तर्पण करने से पितरों को शांति मिलती है और परिवार में सुख-समृद्धि आती है। इस अवसर पर ब्रजघाट में पंडितों और आचार्यों की विशेष व्यवस्था की गई थी।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते धर्मशालाएं, आश्रम और विश्राम स्थल पूरी तरह भर गए। कई श्रद्धालुओं ने खुले स्थानों पर ही विश्राम किया। वहीं, विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा जगह-जगह भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। गर्मी को देखते हुए शीतल पेयजल और छाया की भी विशेष व्यवस्था की गई थी। अमावस्या की पूर्व संध्या पर कई स्थानों पर भव्य भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। पूरी रात श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे रहे और गंगा मैया के भजनों पर झूमते नजर आए। सुबह स्नान के बाद श्रद्धालु मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचे और अपने इष्ट देवी-देवताओं का आशीर्वाद लिया।

भीड़ को देखते हुए ब्रजघाट में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल, पीएसी और होमगार्ड के जवान तैनात रहे। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष रूट डायवर्जन लागू किया गया था। घाटों पर पर्याप्त रोशनी, साफ-सफाई और पेयजल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई थी। प्रशासनिक अधिकारियों ने लगातार निगरानी रखकर पूरे आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया।

हिंदू धर्म में वैशाख अमावस्या का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन गंगा स्नान, दान-पुण्य और पितृ तर्पण करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और पापों का नाश होता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए धार्मिक कार्यों का फल कई गुना बढ़कर मिलता है। यही कारण है कि हर साल लाखों श्रद्धालु इस दिन ब्रजघाट पहुंचते हैं। इस बार भी ब्रजघाट में आस्था, श्रद्धा और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने यह साबित कर दिया कि गंगा के प्रति लोगों की आस्था आज भी उतनी ही मजबूत है। यह आयोजन उत्तर भारत की समृद्ध धार्मिक परंपराओं और संस्कृति की निरंतरता को दर्शाता है।

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