Hardoi News: बंद कार बनी मौत का जाल, खेलते-खेलते मासूम ने गंवाई जिंदगी, गांव में पसरा मातम
Hardoi News: हरदोई के टिकारी गांव में खेलते-खेलते बंद कार में फंसने से 5 वर्षीय मासूम अभय की दम घुटने से मौत हो गई। भीषण गर्मी में कार के अंदर तापमान बढ़ने से यह दर्दनाक हादसा हुआ, जिसके बाद पूरे गांव में मातम पसरा है।
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Hardoi News: हरदोई जिले के कछौना थाना क्षेत्र के टिकारी गांव में बुधवार को एक ऐसी दर्दनाक घटना हुई जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।खेलते-कूदते घर से निकला पांच वर्षीय मासूम अभय कुछ ही घंटों में जिंदगी की जंग हार गया। मासूम की मौत बंद कार के भीतर दम घुटने से हुई, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया और गांव में मातम जैसा माहौल छा गया।
बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह अभय घर के पास बने हौद में नहाने के लिए निकला था। नहाने के बाद खेलते-खेलते वह घर के बाहर खड़ी कार तक पहुंच गया। मासूम कार के अंदर बैठ गया, लेकिन अचानक दरवाजा लॉक हो गया। कार बंद होने के कारण वह बाहर नहीं निकल सका। भीषण गर्मी और तेज धूप में खड़ी गाड़ी कुछ ही देर में आग की भट्टी जैसी बन गई। परिवार वालों को लगा कि बच्चा आसपास ही खेल रहा होगा, लेकिन काफी देर तक नजर न आने पर उसकी तलाश शुरू की गई।घंटों की खोजबीन के बाद जब परिजनों ने कार का दरवाजा खोला तो पीछे की सीट पर अभय बेसुध हालत में पड़ा मिला। उसे तुरंत बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में सन्नाटा पसर गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बाहर की तुलना में गाड़ी के अंदर का तापमान बढ़ जाता है
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि कार ऑटोमैटिक लॉक होने के कारण बच्चा अंदर ही फंस गया था। विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी के मौसम में धूप में खड़ी बंद गाड़ियों के भीतर तापमान बेहद तेजी से बढ़ता है। बाहर का तापमान 40 डिग्री होने पर भी कार के अंदर कुछ ही मिनटों में तापमान 60 डिग्री से ऊपर पहुंच सकता है। ऐसे माहौल में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है और छोटे बच्चों का शरीर अधिक तेजी से गर्म होता है, जिससे दम घुटने और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।यह हादसा हर माता-पिता के लिए एक गंभीर चेतावनी है। विशेषज्ञों का कहना है कि घर के आसपास खड़ी गाड़ियों को हमेशा लॉक रखना चाहिए और उनकी चाबियां बच्चों की पहुंच से दूर रखनी चाहिए। बच्चों को यह समझाना भी जरूरी है कि वाहन खेलने की जगह नहीं होते। अभय की दर्दनाक मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है और लोगों को बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने का संदेश दिया है।