Hardoi News: बिजली संकट से जूझ रहे हरदोई के उद्योग, उद्यमियों ने उठाई निर्बाध सप्लाई की मांग

Hardoi News: नघेटा औद्योगिक क्षेत्र में लगातार कटौती और ट्रिपिंग से उत्पादन प्रभावित हो रहा है। उद्यमियों ने निर्बाध बिजली सप्लाई की मांग उठाई।

Update:2026-05-10 18:51 IST

 बिजली संकट से जूझ रहे हरदोई के उद्योग, उद्यमियों ने उठाई निर्बाध सप्लाई की मांग (Photo- Newstrack)

Hardoi News: हरदोई के नघेटा औद्योगिक क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती और बार-बार ट्रिपिंग से उद्योग संचालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। परेशान उद्यमियों ने जिला उद्योग बंधु के अध्यक्ष को पत्र भेजकर समस्या के जल्द समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि प्रदेश सरकार की मंशा औद्योगिक इकाइयों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने की है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात इसके विपरीत नजर आ रहे हैं। उद्योगपतियों के मुताबिक नघेटा औद्योगिक आस्थान के लिए अलग से एआरटीओ सब-स्टेशन बनाया गया था ताकि फैक्ट्रियों को बिना रुकावट बिजली मिल सके। आरोप है कि पिछले करीब एक वर्ष से इस सब-स्टेशन से गुरगुज्जा समेत अन्य बाहरी फीडरों को भी जोड़ दिया गया है।


इससे बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है और वोल्टेज में लगातार उतार-चढ़ाव की स्थिति बन रही है।उद्यमियों का कहना है कि अचानक होने वाली ट्रिपिंग और लंबे समय तक बिजली बाधित रहने से उत्पादन प्रभावित हो रहा है। मशीनें बार-बार बंद होने से न केवल काम में रुकावट आती है बल्कि उद्योगों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। कई छोटे और मध्यम उद्योगों के सामने कामकाज प्रभावित होने का संकट खड़ा हो गया है।

सब-स्टेशन को केवल उद्योगों की बिजली आपूर्ति तक सीमित रखा जाए

औद्योगिक आस्थान सहकारी समिति लिमिटेड, नघेटा के अध्यक्ष मन्नीलाल शाह और उपाध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता समेत कई उद्योग संचालकों ने मांग की है कि औद्योगिक क्षेत्र के लिए बनाए गए सब-स्टेशन को केवल उद्योगों की बिजली आपूर्ति तक सीमित रखा जाए। बाहरी फीडरों को तत्काल हटाकर उद्योगों को निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित की जाए।उद्यमियों ने यह भी कहा कि यदि विभाग सब-स्टेशन की लॉग बुक की जांच करे तो लगातार हो रही कटौती और ट्रिपिंग की वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी।

इस मांग पत्र पर न्यू इंडिया फार्मा, मंगलम प्रिंटर्स, लक्ष्मी मेटल इंडस्ट्रीज, हसमत ट्रेडर्स, नेशनल इंडस्ट्रीज और अन्य कई प्रतिष्ठानों के संचालकों ने हस्ताक्षर कर अपना समर्थन दिया है। अब सभी की नजर प्रशासन और बिजली विभाग पर टिकी है कि उद्यमियों की इस गंभीर समस्या को लेकर क्या कार्रवाई की जाती है।

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