Hardoi News: पुलिस की बड़ी कार्रवाई: फर्जी वेबसाइट से साइबर ठगी करने वाले 10 आरोपी गिरफ्तार
Hardoi News: हरदोई पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी वेबसाइट और गेमिंग ऐप के जरिए लोगों को ठगने वाले 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। मामले में जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है।
Hardoi News(Photo-Social Media)
Hardoi News: साइबर अपराधों पर शिकंजा कसते हुए हरदोई पुलिस ने एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने फर्जी वेबसाइटों और ऑनलाइन गेमिंग ऐप के माध्यम से लोगों को ठगने वाले गिरोह के 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंकिंग दस्तावेज और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है।पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों में जदवीर सिंह, आयुष सिंह, गगन साहू, रामधीरज सिंह, लवकुश गुप्ता, लवकुश सिंह, हर्षित सिंह, अंशुमान पाण्डेय, अर्जुन कुमार रावत तथा शुभम गुप्ता शामिल हैं।
जांच के दौरान इनके पास से 4 लैपटॉप, 2 टैबलेट, 26 मोबाइल फोन, 42 सिम कार्ड, 6 एटीएम कार्ड, 4 बैंक पासबुक, एक आधार कार्ड और बड़ी संख्या में डिजिटल दस्तावेज एवं यूपीआई आईडी से संबंधित डाटा बरामद किया गया।प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह सुनियोजित तरीके से कई अलग-अलग टीमों में काम कर रहा था। एक टीम इंटरनेट पर फर्जी वेबसाइट और गेमिंग प्लेटफॉर्म संचालित कर लोगों को आकर्षक ऑफर, बोनस और अधिक कमाई का लालच देकर निवेश के लिए प्रेरित करती थी। इसके बाद दूसरी टीम मोबाइल नंबर, सिम कार्ड, बैंक खातों और एटीएम कार्ड से जुड़ी जानकारियां जुटाने का काम करती थी।
क्यूआर कोड के माध्यम से खातों में स्थानांतरित किया जाता था रकम
पुलिस का कहना है कि तीसरी टीम इन जानकारियों का इस्तेमाल कर यूपीआई आईडी और बैंक खातों तक पहुंच बनाती थी। इसके बाद ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और क्यूआर कोड के माध्यम से रकम को विभिन्न खातों में स्थानांतरित किया जाता था। जांच में यह भी पता चला कि गिरोह का एक हिस्सा सेमरा क्षेत्र स्थित एक फ्लैट से संचालित हो रहा था, जहां बैठकर आरोपी विभिन्न बैंक खातों और यूपीआई आईडी का संचालन करते थे।
पूछताछ में कई वेबसाइटों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के नाम भी सामने आए हैं, जिनका उपयोग कथित रूप से ठगी के लिए किया जाता था। पुलिस अब इनसे जुड़े डिजिटल नेटवर्क और अन्य संदिग्ध लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।इस मामले में साइबर क्राइम थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा आईटी एक्ट की धारा 66-सी और 66-डी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।इस कार्रवाई को सफल बनाने में निरीक्षक राजेश कुमार शर्मा, उमेश त्रिपाठी, वहीद अहमद समेत साइबर क्राइम टीम के कई पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।