IPS अफसर चला रहे वसूली गैंग? हर महीने 8 लाख का खेल, वीडियो वायरल कर सिपाही ने खोली सिस्टम की पोल

IPS Corruption Allegations: लखनऊ पुलिस लाइन के सिपाही सुनील कुमार शुक्ला द्वारा आईपीएस अधिकारियों पर वसूली के गंभीर आरोप लगाने के बाद हड़कंप मच गया है। पुलिस कमिश्नर ने एडीसीपी को जांच के आदेश दिए हैं।

By :  Shivam
Update:2026-05-08 11:03 IST

IPS Corruption Allegations in Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस महकमे के भीतर से आए एक वीडियो ने प्रशासनिक गलियारों में खलबली मचा दी है। रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात सिपाही सुनील कुमार शुक्ला ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों पर सिपाहियों से अवैध वसूली करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। सिपाही का दावा है कि पुलिस लाइंस में ड्यूटी लगाने के नाम पर जवानों से हर महीने निश्चित रकम वसूली जा रही है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट तत्काल सक्रिय हो गया है और उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

सिपाही के आरोपों वाला वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस कमिश्नर अमरेन्द्र कुमार सेंगर ने मामले का कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने एडीसीपी लाइंस को इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं। विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट और पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन इस बात की तहकीकात कर रहा है कि इन आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या वास्तव में विभाग के भीतर कोई ऐसा नेटवर्क सक्रिय है।

सिपाही ने वीडियो में खोली वसूली के कथित नेटवर्क की पोल

वर्ष 2015 बैच के सिपाही सुनील कुमार शुक्ला ने वर्दी में जारी किए गए अपने वीडियो में विस्तार से बताया कि वसूली का खेल कैसे चलता है। सुनील का आरोप है कि आईपीएस अधिकारियों के संरक्षण में आरआई और गणना प्रभारी के माध्यम से नीचे से ऊपर तक एक पूरा सिंडिकेट काम कर रहा है। सिपाही के अनुसार पुलिस लाइंस में तैनात हर जवान से ड्यूटी के नाम पर करीब दो हजार रुपये प्रति माह वसूले जाते हैं। उसने आरोप लगाया कि यह पैसा गार्द कमांडर के जरिए आरआई और फिर उच्चाधिकारियों तक पहुंचता है। सुनील ने इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

लाखों रुपये की अवैध उगाही का गणित और विभागीय प्रतिक्रिया

सिपाही ने अपने दावों को पुख्ता करने के लिए लखनऊ पुलिस लाइन का गणित भी समझाया। उसका कहना है कि पुलिस लाइन में तैनात सैकड़ों सिपाहियों से होने वाली इस वसूली का कुल आंकड़ा हर महीने लाखों में पहुंचता है। दूसरी ओर पुलिस विभाग के अधिकारियों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। आरआई प्रथम ब्रजेंद्र सिंह का कहना है कि सिपाही द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। विभाग के अनुसार सुनील कुमार शुक्ला वर्तमान में अपने घर के निर्माण के लिए 20 दिनों की छुट्टी पर है और उसकी कुछ पारिवारिक समस्याएं भी हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि छुट्टी पर जाने के तुरंत बाद इस तरह का वीडियो वायरल करने के पीछे सिपाही की मंशा क्या है।

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