Jalaun News: जालौन में जल जीवन मिशन का संतोषजनक निरीक्षण: अब चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर की बारी - स्वतंत्र देव सिंह

Jalaun News: बुंदेलखंड में खत्म हुई पानी की किल्लत का दावा, मंत्री ने बुजुर्ग महिला के घर खाना खाया और प्रमुख सचिव ने बच्चों से पूछे गणित के सवाल

Update:2025-06-27 21:39 IST

Jalaun News (Social Media image)

Jalaun News: उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह की अगुवाई में जल जीवन मिशन परियोजनाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए तीन दिन से बुंदेलखंड के दौरे पर निकली टीम ने शुक्रवार को जालौन में संतोषजनक परिणाम पाए। मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि ललितपुर, झांसी और जालौन में ज्यादातर गांवों में नल से पानी की सप्लाई हो रही है और इन जिलों में औचक निरीक्षण के दौरान अच्छे परिणाम देखने को मिले हैं। अब जल्द ही बुंदेलखंड के अन्य जिलों जैसे चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर और महोबा में इन परियोजनाओं का औचक निरीक्षण किया जाएगा, जिसके बाद सोनभद्र और मिर्जापुर का नंबर आएगा।


बुंदेलखंड में पानी की किल्लत हुई खत्म: मंत्री का दावा

तीन दिवसीय स्थलीय निरीक्षण खत्म करने के बाद जलशक्ति मंत्री ने जोर देकर कहा कि बुंदेलखंड में अब पानी की कोई किल्लत नहीं है, जो पहले एक बड़ी समस्या थी और ट्रेनों से पानी लाना पड़ता था।


उन्होंने दावा किया कि अब हर घर तक नल से जल पहुँच रहा है। हालांकि, मंत्री ने स्वीकार किया कि झांसी के कुछ ऊंचाई वाले इलाकों में लो प्रेशर सप्लाई की समस्या सामने आई है, जिसके लिए अधिकारियों को एक हफ्ते के भीतर समाधान के निर्देश दिए गए हैं और जल्द ही इसकी समीक्षा की जाएगी।

मंत्री और प्रमुख सचिव का 'बाल-रूप' निरीक्षण

जल जीवन मिशन परियोजनाओं के स्थलीय निरीक्षण के दौरान मंत्री और प्रमुख सचिव का एक अलग ही रूप देखने को मिला। डकोर के सैदनगर गांव में, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और प्रमुख सचिव नमामि गंगे अनुराग श्रीवास्तव बुजुर्ग महिला विद्या के घर में पानी की सप्लाई पूछने गए। जब मंत्री ने बुजुर्ग महिला विद्या से भूख लगने की बात कहकर खाना खिलाने का आग्रह किया, तो महिला ने सहर्ष हाँ कहा। इसके बाद प्रमुख सचिव और अन्य अधिकारियों ने खुद खाट बिछाई और परिवार के सदस्यों के साथ बैठकर भोजन का आनंद लिया।


थोड़ा आगे बढ़ने पर, प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव को बच्चों का एक समूह खेलते हुए दिखा। उन्होंने बच्चों से गणित के सवाल पूछे, पहाड़े सुने और सही जवाब देने वाले बच्चों को ईनाम स्वरूप कुछ धनराशि भी सौंपी। यह अनूठा संवाद प्रशासनिक टीम की जमीनी जुड़ाव को दर्शाता है।

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