Jaunpur News: किताबों से आगे ज्ञान की दुनिया खोलता है पुस्तकालय: प्रो. राज कुमार
Jaunpur News: जौनपुर के वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय में राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में डॉ. एस. आर. रंगनाथन के योगदान को याद करते हुए प्रशिक्षुओं को पुस्तकालय सेवा के प्रति समर्पित रहने का संकल्प दिलाया गया।
Jaunpur News: वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय में बुधवार को राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मानद पुस्तकालयाध्यक्ष प्रो. राज कुमार ने की, जबकि संचालन पुस्तकालय प्रभारी डॉ. इंद्रेश कुमार ने किया।
प्रो. राज कुमार ने कहा कि पुस्तकालय में संसाधन कितने भी समृद्ध क्यों न हों, उनका अधिकतम उपयोग एक कुशल एवं समर्पित पुस्तकालयाध्यक्ष और कर्मचारियों पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि 12 अगस्त को डॉ. एस. आर. रंगनाथन की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस मनाया जाता है। डॉ. रंगनाथन को भारत में पुस्तकालय विज्ञान का जनक माना जाता है। उनके पांच सिद्धांत आज भी पुस्तकालय व्यवस्था के लिए मार्गदर्शक हैं।उन्होंने नवप्रवेशी प्रशिक्षुओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे भविष्य के पुस्तकालयाध्यक्ष हैं और पूरी निष्ठा के साथ पुस्तकालय के कार्यों को सीखें।पुस्तकालय प्रभारी डॉ. इंद्रेश कुमार ने डॉ. रंगनाथन के जीवन एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि डॉ. मनीष कुमार गुप्ता ने कहा कि रंगनाथन के आदर्शों को अपनाकर प्रशिक्षु पुस्तकालय में बेहतर अध्ययन का वातावरण बनाने में योगदान दे सकते हैं।
विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रशांत कुमार यादव ने कहा कि रंगनाथन के पांच नियमों में “पाठक का समय बचाओ” विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। पुस्तकें व्यवस्थित रहें और प्रशिक्षुओं को उनके स्थान की सही जानकारी हो, ताकि पाठकों को अधिकतम लाभ मिल सके।डॉ. रंगनाथन की प्रमुख कृतियों में फाइव लॉज ऑफ लाइब्रेरी साइंस, कोलन क्लासिफिकेशन तथा प्रोलिगोमेना टू लाइब्रेरी क्लासिफिकेशन शामिल हैं।कार्यक्रम का आयोजन पुस्तकालय प्रशिक्षुओं द्वारा किया गया। इस अवसर पर विकास कुमार राव, आकाश यादव, चंद्रभूषण प्रजापति, विजय बहादुर, प्रज्ञा मिश्रा, खुशबू यादव, दीपशिखा रानी एवं रोली शुक्ला सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।