Jhansi News: ऑपरेशन 720 से सटोरियों में हड़कंप, आशीष गैंग पर शिकंजा, तीन दर्जन से अधिक गिरफ्तार
Jhansi News:झांसी में आईपीएल सट्टेबाजी पर पुलिस का बड़ा एक्शन, तीन दर्जन से ज्यादा सटोरिये जेल भेजे गए और करोड़ों रुपये की रकम बरामद हुई।
ऑपरेशन 720 से सटोरियों में हड़कंप, आशीष गैंग पर शिकंजा, तीन दर्जन से अधिक गिरफ्तार (Photo- Newstrack)
Jhansi News: झांसी। आईपीएल शुरू होते ही शहर के सट्टेबाज भी एक्टिव हो गए हैं। सट्टा लगाने वाले ऑनलाइन व ऑफलाइन, दोनों तरह से सक्रिय हो गए हैं। मैचों में हर दिन लाखों रुपए के दांव लगते हैं। पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए सट्टेबाज कई तरह के हथकंडे भी अपना रहे हैं। वहीं, सट्टेबाजी रोकने के लिए पुलिस ने भी तैयारी कर ली है। इसके लिए खास टीम बनाकर निगरानी रखी जा रही है।
हाईटेक हो गए सट्टेबाज
आईपीएल मैच में सट्टेबाज अब हाईटेक हो गए हैं। वे अब मोबाइल और लैपटॉप से सट्टे के नंबर लगाने के साथ ही ऑनलाइन सट्टा लगाने लगे हैं। व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर सट्टेबाजी की जा रही है, ताकि वे पुलिस की पकड़ में न आएं। बताया कि वह मोबाइल नंबरों से व्हाट्सएप पर नंबर लगवाता है। इसके अलावा हुक्का बार में भी आईपीएल मैच की सट्टेबाजी चल रही है। कई ग्रुप हर मैच व खिलाडिय़ों पर दांव लगा रहे हैं।
आईडी पासवर्ड का यूज
शहर में बैठे बुकी द्वारा संचालित वेबसाइट का आईडी पासवर्ड सट्टा खेलने वालों को उपलब्ध कराया जाता है। साथ-साथ ही नए तरीकों में ये बुकी एप व विशेष वेबसाइटों द्वारा भी इस कारोबार को संचालित करते हैं। आइपीएल में सट्टे के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने कमर कस ली है। पुलिस के राडार पर कई सट्टेबाज हैं। पुलिस ने इनकी धरपकड़ के लिए पूरी तैयारी कर ली है।
ऑनलाइन लगवाते हैं सट्टा
सूत्रों ने बताया कि शहर में सट्टे का कारोबार लंबे समय से चल रहा है। पूर्व में भी कई सट्टेबाज आइपीएल में ऑनलाइन सट्टा लगवाते रहे हैं। झांसी पुलिस ने पहली बार ऑनलाइन सट्टे का धंधा करने वालों पर शिकंजा कसा है। अब तक तीन दर्जन से अधिक सटोरियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है जबकि करोड़ों रुपये बरामद किए गए हैं।
कमीशन पर काम करते थे आरोपी
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि बुकी कमीशन व कटिंग के जरिए इस कारोबार में रकम कमाता है। जिसका कुछ हिस्सा उन लोगों को भी मिलता था। अगर बुकी एक परसेंट कमीशन पर काम कर रहा है तो 100 रुपया हारने पर मुख्य बुकी को एक रुपया कमीशन मिलता है, जीतने पर कुछ भी नहीं मिलता है। सट्टे के रेट के बारे में आरोपियों ने बताया कि अगर किसी मैच का रेट 42/44 खोलता तो इसका मतलब फेवरेट टीम को 42 और उसकी अपोजिट टीम को 44 का रेट दिया गया है।
इसके तहत किसी फेवरेट टीम पर एक लाख लगाया तो बेट जीतने पर उसे 42 हजार रुपये मिलेंगे जबकि, जीतता है तो उसे एक लाख रुपये हासिल होंगे। छोटे बुकी द्वारा 42/44 रेट पर लगायी गयी तो बेट के पैसे से ही उसके ऊपर वाला बुकी अगर 43/45 की बेट लगाता है तो जीतने की दशा पर उसे अपने नीचे वाले व्यक्ति को 42 हजार रुपये देने पड़ेंगे और उसे 43 हजार रुपये प्राप्त होंगे।
पेशबंदी नहीं, आशीष की तोड़ना चाहती है कमर
सट्टा के मामले में जमानत मिलने पर पुलिस ने पेशबंदी कर दर्ज किया लूट का मुकदमा वाली खबर की जांच की गई। पाया गया कि पुलिस ने आशीष उपाध्याय पर शिकंजा कसा है। पुलिस आशीष उपाध्याय की कमर तोड़ना चाहती है। इसलिए पुलिस उसके हर मामले को गंभीरता से ले रही है। सूत्रों का कहना है कि आशीष उपाध्याय की संपत्ति की जांच होने की संभावना है। इसके लिए टीमें गठित की जा रही है।
कई नए बैंक खातों और मोबाइल नंबरों के साक्ष्य मिले
साइबर पुलिस टीम को तकनीकी जांच में कई नए बैंक खातों और मोबाइल नंबरों के साक्ष्य मिले हैं। इन खातों से आनलाइन सट्टेबाजी की रकम देश के अलग-अलग हिस्सों में भेजी गई थी। गिरोह के संचालक फर्जी खातों के जरिए क्रिकेट, रमी, तीन पत्ती, लूडो और अन्य गेमिंग साइटों पर लोगों से करोड़ों रुपये ऐंठ रहे थे। इसके लिए लोन माफी या सरकारी योजना के नाम पर भोले-भाले लोगों से पासबुक और एटीएम कार्ड ले लिए जाते थे।
एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि आईपीएल मैच में सट्टेबाजी को लेकर निगरानी रखी जा रही है। ऑनलाइन साइट्स के साथ-साथ पूर्व में पकड़े गए सट्टेबाजों का डेटा भी तैयार किया जा रहा है। जिन ग्रुप व एरिया में सट्टेबाजी की सूचना है वहां पर स्थानीय पुलिस को एक्टिव किया गया है।