Jhansi News: बाल यौन शोषण सामग्री फैलाने वाले आरोपी को 5 साल की सजा और 1.5 लाख जुर्माना
Jhansi News: झांसी की अदालत ने सोशल मीडिया के जरिए बाल यौन शोषण से जुड़ी सामग्री देश-विदेश में फैलाने के मामले में आरोपी को 5 वर्ष के कारावास और 1.5 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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Jhansi News: न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या तीन कनिष्क कुमार की अदालत ने मासूम बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न की वीडियो फोटो सामग्री सोशल मीडिया के जरिए देश विदेश भेजने वाले आरोपी को पांच वर्ष की सजा ओर एक लाख पचास हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया है। आरोपी के खिलाफ जिला गाजियाबाद सीबीआई ने मुकदमा दर्ज कराया था। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी का जमानत प्रार्थना पत्र भी खारिज कर दिया था।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे सीबीआई के विशेष अभियोजक शोभित सिंह एवं झांसी के सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी तेजसिंह गौर ने जानकारी देते हुए बताया कि सीबीआई की भ्रष्टाचार निवारण शाखा गाजियाबाद ने 14 नवंबर 2021 को अपने थाने में मुकदमा दर्ज कराया था कि भारत तथा देश व विदेश के विभिन्न भागों के व्यक्तियों का एक समूह विभिन्न सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म के समूह के माध्यम से बालक लैंगिक उत्पीड़न दुरुपयोग सामग्री को लिंक , वीडियो, टेस्टर, पिक्चर, को शेयर करके प्रसारित कर रहे है।
इस एफआईआर में कई अज्ञात सहित प्रकाश में आए एक मोबाइल नंबर के विरुद्ध दर्ज कराई गई थी। विवेचना के दौरान प्रकाश में आया कि जिस नम्बर से यह बाल यौन उत्पीड़न की वीडियो, फोटो, पिक्चर सामग्री सोशल मीडिया पर डालकर देश विदेश बेची जा रही वह नम्बर जिला झांसी के गरौठा तहसील एरच रामगंज मोहल्ला निवासी रामजी पुत्र लक्ष्मी प्रसाद का है। सीबीआई की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में बालक यौन उत्पीड़न दुर्योग संबंधी सामग्री, सीडी, शोशल मीडिया लिंक, वीडियो आदि बरामद की थी।
सीबीआई ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। जिसकी सुनवाई के दौरान सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक शोभित सिंह ओर सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी तेजसिंह गौर ने न्यायालय में सुनवाई के दौरान न्यायालय से अपील करते हुए कहा कि आरोपी का कृत्य काफी गंभीर ओर समाज विरोधी है, इसे कठोर सजा सुनाई जाए। सारे साक्ष्य ओर सबूत के आधार पर आरोपी रामजी पर आरोप सिद्ध होने पर न्यायालय ने उसे पांच वर्ष का कारावास ओर डेढ़ लाख रुपए अर्थदंड से दंडित का आदेश सुनाया। मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने उक्त आरोपी का जमानती प्रार्थना पत्र भी निरस्त कर दिया था