Kanpur News: रात्रि चौपाल में नहीं पहुंचे अधिकारी तो भड़क गए मंत्री, कहा- 'मजाक समझ रखा है'

Kanpur News: कानपुर देहात के कठेटी गांव में आयोजित रात्रि चौपाल के दौरान कई जिम्मेदार अधिकारियों के अनुपस्थित मिलने पर कैबिनेट मंत्री राकेश सचान नाराज हो गए।

Update:2026-06-15 17:25 IST

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Kanpur News: कानपुर देहात में आयोजित रात्रि चौपाल के दौरान उस समय असहज स्थिति पैदा हो गई, जब चौपाल में पहुंचे कैबिनेट मंत्री राकेश सचान को कई विभागों के जिम्मेदार अधिकारी नदारद मिले। ग्रामीणों की शिकायतें सुनने पहुंचे मंत्री ने अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए सीधे जिलाधिकारी को फोन किया और व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।

उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और भोगनीपुर से विधायक राकेश सचान सोमवार रात अपनी विधानसभा क्षेत्र के कठेटी गांव में आयोजित रात्रि चौपाल में पहुंचे थे। चौपाल की सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं और शिकायतों के समाधान की उम्मीद लेकर वहां पहुंचे थे।चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने राजस्व विभाग से जुड़ी कई शिकायतें मंत्री के सामने रखीं। लेकिन जब शिकायतों के निस्तारण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की मौजूदगी की जांच की गई, तो वहां केवल कानूनगो मौजूद मिला, जबकि एसडीएम, तहसीलदार और अन्य राजस्व अधिकारी अनुपस्थित थे।

अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर मंत्री राकेश सचान नाराज हो गए। उन्होंने मौके से ही जिलाधिकारी कपिल सिंह को फोन कर स्थिति की जानकारी दी। मंत्री ने कहा कि सरकार के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं और चौपाल को मजाक बनाकर रखा गया है। उन्होंने कहा कि गांव में चौपाल चल रही है, लेकिन राजस्व विभाग का कोई सक्षम अधिकारी मौजूद नहीं है। ऐसे में लोगों की शिकायतों का समाधान कैसे होगा?

मंत्री ने यह भी कहा कि ग्रामीण भ्रष्टाचार और पैसे लेकर काम न करने जैसी शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन उन्हें दर्ज करने और उनका समाधान करने वाला कोई अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं है। इस पर जिलाधिकारी ने मामले में जवाब-तलब करने और निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया।मंत्री ने अधिकारियों की अनुपस्थिति का कारण तत्काल पता लगाने और की गई कार्रवाई की जानकारी देने को कहा। साथ ही भविष्य में आयोजित होने वाली चौपालों में सभी संबंधित अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।घटना के बाद प्रशासनिक कार्यप्रणाली और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है।

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