Kasganj News: सोरों में सोमवती अमावस्या पर उमड़ा सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी

Kasganj News: कासगंज के सोरों में सोमवती अमावस्या के अवसर पर हजारों श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचे। श्रद्धा और भक्ति के माहौल में लोगों ने पवित्र डुबकी लगाकर पूजा-अर्चना की।

Update:2026-06-15 14:49 IST

Kasganj News(Photo-Social Media)

Kasganj News: उत्तर प्रदेश के कासगंज जनपद की पौराणिक तीर्थ नगरी सोरों शूकरक्षेत्र (Soron Shukar Kshetra) में सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya) के अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और आस्था का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। पुरुषोत्तम मास (Purushottam Maas) में पड़ने वाली सोमवती अमावस्या के विशेष धार्मिक महत्व को देखते हुए देश के विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचे और हरि की पौड़ी (Hari Ki Pauri) पर पवित्र गंगा स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

सुबह से ही घाटों पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

सोमवती अमावस्या के पावन पर्व पर तड़के सुबह से ही हरि की पौड़ी और आसपास के घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। राजस्थान (Rajasthan), मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh), उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) और उत्तराखंड (Uttarakhand) सहित कई राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवती अमावस्या के दिन गंगा स्नान, पितरों का तर्पण और पूजा-अर्चना करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी विश्वास के साथ श्रद्धालुओं ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति तथा परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए विधि-विधान से तर्पण और पूजन किया।

भक्ति और सनातन संस्कृति के रंग में रंगी तीर्थ नगरी

हरि की पौड़ी और उसके आसपास का पूरा क्षेत्र दिनभर भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर दिखाई दिया। घाटों पर वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-पाठ, हवन और धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम लगातार चलता रहा। श्रद्धालुओं के जयकारों और भजन-कीर्तन से पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया। श्रद्धालुओं का कहना था कि सोरों शूकरक्षेत्र का धार्मिक और पौराणिक महत्व अत्यंत विशेष है। यही कारण है कि सोमवती अमावस्या जैसे महत्वपूर्ण पर्वों पर यहां दूर-दूर से लोग स्नान और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।

सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में जुटा रहा प्रशासन

मेले और स्नान पर्व को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दिया। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। वहीं श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्थाएं भी की गईं। सुबह से ही मथुरा-बरेली हाईवे (Mathura-Bareilly Highway) पर वाहनों का दबाव बढ़ गया था। कासगंज गोहरा स्थित बाईपास से लेकर सोरों तक जाम की स्थिति बनी रही। ट्रैफिक पुलिस लगातार यातायात को सुचारु बनाए रखने और जाम खुलवाने में जुटी रही, जिसके चलते वाहन धीमी गति से आगे बढ़ते नजर आए।

मंदिर पुजारी ने बताया सोमवती अमावस्या का महात्म्य

मंदिर पुजारी कालीचरण माफीदार ने पुरुषोत्तम मास में पड़ने वाली सोमवती अमावस्या के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भगवान श्री विष्णु (Lord Vishnu) की आराधना अथवा उनके भूलोक में हुए अवतार भगवान श्रीकृष्ण (Lord Krishna) और भगवान श्रीराम (Lord Ram) की पूरे माह श्रद्धापूर्वक पूजा करने वाले भक्तों को इस दिन अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करना चाहिए। उन्होंने बताया कि व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को 33 मालपुए बनाकर भगवान श्री हरि विष्णु का स्मरण करते हुए भोग लगाना चाहिए। इसके बाद ही व्रती को आहार ग्रहण करना चाहिए। ऐसा करने से पूर्वजों को आत्मिक शांति प्राप्त होती है और व्यक्ति के जीवन में आने वाली बाधाओं का नाश होता है।

श्रद्धा, स्नान और सनातन परंपरा का बना संगम

सोमवती अमावस्या के अवसर पर सोरों शूकरक्षेत्र में श्रद्धा, आस्था और सनातन परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर पुण्य अर्जित किया और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

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