Kushinagar News: गन्ना सर्वेक्षण तेज, जिला गन्ना अधिकारी ने फसल विवरण सही दर्ज करने के दिए निर्देश
Kushinagar News: कुशीनगर में जिला गन्ना अधिकारी ने गन्ना सर्वेक्षण का निरीक्षण किया और किसानों व सर्वे कर्मियों को प्रजाति, पौधा, सहफसल और रोग संबंधी सही विवरण दर्ज करने के निर्देश दिए। ट्रेंच विधि से खेती अपनाने की सलाह भी दी गई।
Kushinagar News(Photo-Social Media)
Kushinagar News: गन्ना पेराई सत्र 2026-27 के लिए जनपद में किसानों द्वारा बोए गए गन्ना क्षेत्र के सही आकलन हेतु गन्ना फसल सर्वेक्षण का कार्य तेजी से चल रहा है। इसी क्रम में जिला गन्ना अधिकारी हुदा सिद्दीकी ने ग्राम बकनहां पहुंचकर गन्ना फसल सर्वेक्षण कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने किसान राजेन्द्र प्रसाद के खेत में गन्ना फसल का अवलोकन किया, जहां कुछ पौधे कण्डुआ रोग से प्रभावित पाए गए। इस पर जिला गन्ना अधिकारी ने सर्वे कर्मियों एवं रामकोला चीनी मिल के महाप्रबंधक गन्ना को निर्देशित किया कि रोगग्रस्त पौधों को सावधानीपूर्वक उखाड़कर नष्ट किया जाए, ताकि स्वस्थ फसल सुरक्षित रह सके।
सर्वे कर्मियों को सटीक विवरण दर्ज करने के निर्देश
जिला गन्ना अधिकारी ने सर्वे कर्मियों को निर्देश दिया कि गन्ने की प्रजाति, पौधा, फसल की स्थिति, सहफसल एवं पौधशाला का सही और सटीक विवरण सर्वे में दर्ज किया जाए। साथ ही किसानों को समय पर सर्वे पर्ची उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि सर्वेक्षण कार्य के दौरान गांव में पहले से सूचना देना आवश्यक है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
किसानों को आधुनिक खेती के लिए प्रेरित किया
निरीक्षण के दौरान जिला गन्ना अधिकारी ने किसानों को अधिक उत्पादन के लिए ट्रेंच विधि से गन्ना बुवाई करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि खेतों में खरपतवार और घास की अधिकता को समय-समय पर जुताई और गुड़ाई से नियंत्रित करना चाहिए। उन्होंने किसानों से सहफसली खेती अपनाने की भी अपील की, जिससे आय में वृद्धि हो सके और कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा सके।
बकनहां गांव की खेती से बदली तस्वीर
पूर्व सहायक निदेशक ओम प्रकाश गुप्ता ने बताया कि गन्ना खेती ने बकनहां गांव की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को बदल दिया है। उन्होंने कहा कि गांव के 50 से अधिक किसानों को देश के विभिन्न राज्यों में कृषि अध्ययन यात्राओं पर भेजा गया, जिससे आधुनिक खेती को बढ़ावा मिला। उन्होंने बताया कि इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और गांव के कई युवा आज इंजीनियर, दरोगा, वैज्ञानिक, शिक्षक और नर्स जैसे पदों पर कार्यरत हैं। वहीं तीन छात्रों का चयन नीट परीक्षा में भी हुआ है।
खेती से बढ़ी समृद्धि और संसाधन
उन्होंने यह भी बताया कि गांव में गन्ना खेती के कारण आर्थिक समृद्धि आई है। पहले जहां सीमित संसाधन थे, वहीं अब लगभग 40 ट्रैक्टर गांव में मौजूद हैं। इससे खेती का स्तर और उत्पादन दोनों बढ़े हैं।
अधिकारियों और किसानों की मौजूदगी
निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक गन्ना इन्द्र शर्मा, वरिष्ठ गन्ना प्रबंधक अनिल सिंह, गन्ना पर्यवेक्षक विनोद कुमार राव, अखिलानंद तिवारी सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान भीषण गर्मी के बावजूद जिला गन्ना अधिकारी ने खेतों में जाकर फसल की स्थिति का विस्तृत जायजा लिया।