Kushinagar News: मदरसे में ‘मेड इन पाकिस्तान’ पंखा मामला शांत, जांच में सऊदी अरब कनेक्शन खुला

Kushinagar News: कुशीनगर के मदरसे में मिले कथित ‘मेड इन पाकिस्तान’ पंखे का मामला जांच के बाद शांत हो गया। जांच में पता चला कि पंखा सऊदी अरब से लाकर दान किया गया था।

Update:2026-05-12 17:36 IST

Kushinagar News(Photo-Social Media)

Kushinagar News: कुशीनगर जनपद के विशुनपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा जंगल विशुनपुरा स्थित एक मदरसे में लगे कथित ‘मेड इन पाकिस्तान’ पंखे को लेकर सोशल मीडिया पर फैली अफवाह के बाद मामला काफी सुर्खियों में आ गया था। हालांकि पुलिस और खुफिया विभाग की जांच के बाद पूरा मामला स्पष्ट हो गया है और स्थिति अब पूरी तरह शांत है। जांच में सामने आया कि जिस पंखे को लेकर विवाद खड़ा हुआ था, वह गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा सऊदी अरब से मंगवाया गया था और बाद में मदरसे को दान कर दिया गया था। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या गलत मंशा की पुष्टि जांच में नहीं हुई है।

जानकारी के अनुसार, मदरसे में लगे एक पंखे में खराबी आने पर उसे मरम्मत के लिए एक स्थानीय दुकान पर ले जाया गया था। जब दुकानदार ने पंखा खोला, तो उस पर ‘Made in Pakistan’ लिखा पाया गया। इसके बाद किसी ने इसकी तस्वीर खींचकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी, जिससे मामला तेजी से फैल गया और चर्चा का विषय बन गया।

सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और खुफिया विभाग सक्रिय हो गए और मदरसे में पहुंचकर विस्तृत जांच की गई। जांच के दौरान पाया गया कि मदरसे में लगे अन्य सभी पंखे भारतीय निर्मित थे, जबकि केवल एक पंखा विदेशी कंपनी का था। विशुनपुरा थानाध्यक्ष विनय मिश्रा ने बताया कि जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि गांव निवासी वाजिद अंसारी पिछले लगभग 10 वर्षों से सऊदी अरब में कार्यरत हैं। वर्ष 2020 में उन्होंने वहां से करीब 80 रियाल में उक्त पंखा खरीदा था और कार्गो के माध्यम से अपने घर भेजा था। बाद में वर्ष 2023 में उन्होंने इसे मदरसे में बच्चों की सुविधा के लिए दान कर दिया था।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान खरीद और भेजने से संबंधित दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए, जिनसे सभी तथ्य स्पष्ट हो गए। प्रारंभिक जांच में किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या सुरक्षा से जुड़ा कोई खतरा सामने नहीं आया है। मदरसे के हाफिज ने बताया कि संस्था दान के सहयोग से संचालित होती है। गर्मी के मौसम को देखते हुए ग्रामीणों से बच्चों के लिए पंखे दान करने की अपील की गई थी। उन्होंने कहा कि किसी को यह जानकारी नहीं थी कि उक्त पंखा पाकिस्तान निर्मित है, और यह बात केवल मरम्मत के दौरान सामने आई। फिलहाल प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यह मामला पूरी तरह अफवाह पर आधारित था और स्थिति सामान्य है।

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