Lakhimpur News: लखीमपुर में डीएम बने ‘केमिस्ट्री सर’, बच्चों से पूछे कठिन सवाल भी
Lakhimpur News: लखीमपुर में औचक निरीक्षण के दौरान डीएम अंजनी कुमार सिंह बच्चों के बीच बैठ गए और रसायन विज्ञान के सवाल पूछकर उनकी विषय समझ परखी। बेसिक्स मजबूत रखने की सलाह दी।
लखीमपुर में डीएम बने ‘केमिस्ट्री सर’, बच्चों से पूछे कठिन सवाल भी (Photo- Newstrack)
Lakhimpur News: जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय छाउछ में मंगलवार को अचानक पहुंचे डीएम अंजनी कुमार सिंह का अंदाज कुछ ऐसा रहा कि निरीक्षण कक्षा में पहुंचते ही ‘क्लास’ में बदल गया। कक्षा 12 में रसायन विज्ञान की पढ़ाई चल रही थी। डीएम चुपचाप बच्चों के बीच जाकर बैठ गए और शिक्षक तेजेश्वर नाथ की पूरी कक्षा को गौर से सुनने लगे। कुछ ही देर बाद डीएम ने सवालों की झड़ी लगा दी। फिर क्या था, ऑक्सीकरण संख्या से लेकर क्वांटम नंबर तक बच्चों की विषय समझ की परीक्षा शुरू हो गई।
क्लास में पहुंचे तो चल रहा था ‘उपसहसंयोजन यौगिक’ का पाठ
शिक्षक तेजेश्वर नाथ विद्यार्थियों को उप सहसंयोजन यौगिक पढ़ा रहे थे। ऑक्सीकरण संख्या निकालने और आईयूपीएसी नियमों के आधार पर सूत्र लिखने की विधि समझाई जा रही थी। डीएम ने बच्चों के बीच बैठकर न केवल पाठ सुना, बल्कि यह भी परखा कि बच्चे विषय को कितना समझ पा रहे हैं।
इसके बाद डीएम ने खुद शिक्षक की भूमिका संभाल ली। उन्होंने बच्चों से पूछा कि ऑक्सीकरण संख्या कैसे निकालेंगे? अपचायक, अभिकर्मक क्या होता है? ऑक्सीजन की परमाणु संरचना कैसी है? क्वांटम नंबर कितने प्रकार के होते हैं? कोष और कक्षक में क्या अंतर है? एक के बाद एक सवालों ने कक्षा में पढ़ाई को संवाद में बदल दिया।
ब्लैकबोर्ड से आगे बढ़ी पढ़ाई, डीएम ने खुद समझाए कॉन्सेप्ट
डीएम ने विद्यार्थियों को इन विषयों के बारे में विस्तार से समझाया और कई सवालों के माध्यम से उनकी समझ को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा में अच्छे अंक पाने के लिए सिर्फ उत्तर याद करना पर्याप्त नहीं है। विषय के मूल सिद्धांत और कॉन्सेप्ट पूरी तरह स्पष्ट होने चाहिए। बेसिक मजबूत होगा तो कठिन सवाल भी आसान लगेंगे।
निरीक्षण में पढ़ाई के साथ परखी व्यवस्थाएं
इससे पहले डीएम ने विद्यालय में स्टाफ एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षण व्यवस्था और बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने इस वर्ष के परीक्षा परिणाम की भी जानकारी ली और विद्यालय की अन्य व्यवस्थाओं को परखा। मध्यांतर के दौरान उन्होंने शिक्षकों से पठन-पाठन व्यवस्था के संबंध में भी जानकारी ली। डीएम ने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन करते हुए अपने बेसिक्स मजबूत रखने के लिए प्रेरित किया।