Lakhimpur Kheri News: एक ही गांव में एक साथ जलेंगी छह चिताएं, पूरे गांव में पसरा मातम

Lakhimpur Kheri News: लखीमपुर खीरी के बेला परसिया गांव में भिंड हादसे में छह मजदूरों की मौत के बाद एक साथ छह चिताएं जलेंगी। गांव में पसरा मातम।

Update:2026-08-19 13:17 IST

Lakhimpur Kheri News(Photo-Social Media)

Lakhimpur Kheri News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर-भिंड हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे ने लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी क्षेत्र के गांव बेला परसिया में मातम पसरा दिया है। हादसे में गांव के छह मजदूरों की मौत हो गई। बुधवार सुबह जब छह मृतकों के शव गांव पहुंचे तो परिजनों और ग्रामीणों में कोहराम मच गया। परिवारों का कहना है कि मृतक ही उनके घरों में कमाने वाले मुख्य सदस्य थे। ऐसे में उनकी मौत के बाद परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

हादसे के बाद गांव में पसरा मातम

जानकारी के मुताबिक, 17-18 अगस्त की दरमियानी रात ग्वालियर-भिंड नेशनल हाईवे-719 पर छीमका मोड़ के पास पिकअप और डंपर की जोरदार टक्कर हो गई थी। बताया गया कि सड़क पर गोवंश बैठे होने के कारण उन्हें बचाने के प्रयास में पिकअप अनियंत्रित हो गई और सामने से आ रहे डंपर से जा भिड़ी। पिकअप में उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के मजदूर सवार थे। ये सभी मजदूर मध्य प्रदेश के डबरा और चीनोर क्षेत्र में धान की रोपाई का काम करने के लिए गए थे। काम पूरा होने के बाद मजदूर पिकअप से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में यह दर्दनाक हादसा हो गया। हादसे में आठ मजदूरों की मौत हुई, जबकि बड़ी संख्या में मजदूर घायल हुए। स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर उपचार के लिए ग्वालियर रेफर किया गया।

बेला परसिया में एक साथ पहुंचे छह शव

हादसे में मृत मोहम्मदी क्षेत्र के छह मजदूरों के शव बुधवार सुबह गांव बेला परसिया पहुंचे। एक साथ छह शव देखकर पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई। मृतकों के परिवारों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों के बीच यह चिंता भी सामने आई कि अब इन परिवारों का भरण-पोषण कैसे होगा। ग्रामीणों और मृतकों के परिजनों ने इसी चिंता के चलते तत्काल अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि सरकार की ओर से परिवारों की आर्थिक मदद और भविष्य में उनके भरण-पोषण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

परिजनों ने रखी मदद की मांग

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी मोहम्मदी ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, ग्रामीण और परिजन अपनी मांगों पर डटे रहे। इसके बाद अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी गई। घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिवारों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिवार को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की बात कही थी।

तहसीलदार ने गांव पहुंचकर दिया योजनाओं का आश्वासन

बुधवार सुबह करीब 11 बजे तहसीलदार मोहम्मदी बेला परसिया गांव पहुंचीं और मृतकों के परिजनों से बातचीत की। ग्रामीणों की मांगों को देखते हुए अधिकारियों ने परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया। बताया गया कि मृतकों के परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से दो लाख रुपये की सहायता के साथ कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का लाभ, राशन कार्ड, आवास और विधवा पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया की जाएगी। अधिकारियों के आश्वासन के बाद गांव में अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू होने की बात सामने आई है। हालांकि, हादसे ने छह परिवारों को गहरे संकट में डाल दिया है।

विधायक के गांव न पहुंचने से परिजनों में नाराजगी

हादसे के बाद मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह के गांव नहीं पहुंचने को लेकर भी चर्चा रही। मृतकों के परिजनों में इसको लेकर नाराजगी बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बड़ी घटना के बाद क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि को पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुननी चाहिए थीं। फिलहाल प्रशासनिक अधिकारी मृतकों के परिवारों से बातचीत कर उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराने में जुटे हैं। गांव में छह परिवारों के अपनों को खोने का दर्द साफ दिखाई दे रहा है। हादसे ने न केवल छह घरों को उजाड़ दिया, बल्कि उनके सामने भविष्य और रोजी-रोटी की बड़ी चुनौती भी खड़ी कर दी है।

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