UP News: AIPMA सम्मेलन में यूपीडा ने दिखाया यूपी का निवेश मॉडल, एक्सप्रेसवे किनारे बनेंगे औद्योगिक कॉरिडोर
UP News: लखनऊ में AIPMA के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में यूपीडा ने उत्तर प्रदेश की निवेश संभावनाओं और 27 IMLC की जानकारी दी। 12,700 एकड़ औद्योगिक लैंड बैंक और ₹6,105 करोड़ निवेश पर जोर।
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे आधारित औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को बढ़ावा देने की दिशा में यूपीडा ने अपनी योजनाओं और निवेश संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया। ऑल इंडिया प्लास्टिक्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (AIPMA) की ओर से गुरुवार को लखनऊ के होटल ताज महल में ‘India as a Global Sourcing Hub for the Plastics and Packaging Industry’ विषय पर चौथे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया।
सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की संयुक्त सचिव मर्सी एपाओ विशिष्ट अतिथि रहीं। सम्मेलन में नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, निर्माताओं और निवेशकों ने प्लास्टिक्स एवं पैकेजिंग उद्योग में भारत की वैश्विक विनिर्माण और सोर्सिंग हब के रूप में बढ़ती भूमिका पर चर्चा की।
यूपीडा ने निवेश अवसरों और IMLC कार्यक्रम की दी जानकारी
सम्मेलन में यूपीडा की ओर से एजीएम, इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (IMLC) मोनिका कुमार ने ‘Investment Opportunities in Uttar Pradesh’ विषय पर प्रस्तुति दी। उन्होंने उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, मजबूत कनेक्टिविटी और निवेश अनुकूल नीतियों के साथ यूपीडा के महत्वाकांक्षी Integrated Manufacturing and Logistics Cluster (IMLC) Programme की संभावनाओं को सामने रखा।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में अपनी जगह बना रहा है। करीब 25 करोड़ की आबादी, 96 लाख से अधिक MSMEs और मजबूत मानव संसाधन प्रदेश को बड़े उपभोक्ता बाजार और औद्योगिक निवेश के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बनाते हैं।
2,150 किलोमीटर से अधिक एक्सप्रेसवे नेटवर्क
प्रस्तुति के दौरान उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया। यूपीडा के अनुसार प्रदेश में 2,150 किलोमीटर से अधिक एक्सप्रेसवे नेटवर्क विकसित हो चुका है। कुल 20 एक्सप्रेसवे परियोजनाओं में 10 संचालित और 10 आगामी परियोजनाएं शामिल हैं।
इन परियोजनाओं के पूरा होने पर प्रदेश के करीब 65 प्रतिशत जिलों को एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य है। इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियों, व्यापार और लॉजिस्टिक्स को गति मिलने की उम्मीद है।
26 जिलों में 27 IMLC विकसित करने की योजना
यूपीडा अब एक्सप्रेसवे को केवल परिवहन का माध्यम न मानकर आर्थिक और औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में विकसित करने पर काम कर रहा है। इसी रणनीति के तहत प्रदेश के 26 जिलों में पांच प्रमुख एक्सप्रेसवे के किनारे 27 Integrated Manufacturing and Logistics Clusters विकसित किए जा रहे हैं।
इन IMLCs के तहत करीब 12,700 एकड़ का औद्योगिक लैंड बैंक उपलब्ध कराया जा रहा है। विभिन्न क्लस्टरों में लगभग 220 एकड़ से लेकर 1,600 एकड़ से अधिक तक के औद्योगिक क्षेत्र निवेशकों के लिए उपलब्ध हैं।
निवेशकों को मिलेंगी एकीकृत सुविधाएं
IMLCs में उद्योगों को एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी के साथ सड़क, रेल और हवाई मार्गों से मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की योजना है। इसके अलावा समर्पित विद्युत अवसंरचना, सब-स्टेशन, जलापूर्ति, आंतरिक सड़कें, ड्रेनेज सिस्टम, फायर स्टेशन और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
यूपीडा का मानना है कि एकीकृत औद्योगिक बुनियादी ढांचे से कंपनियों की लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और उनकी परिचालन दक्षता एवं प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी।
300 एकड़ जमीन आवंटित, ₹6,105 करोड़ के निवेश का रास्ता
प्रस्तुति के दौरान बताया गया कि IMLC कार्यक्रम में निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है। बेवरेज मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स, कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट और औद्योगिक विनिर्माण जैसे क्षेत्रों के निवेशकों ने रुचि दिखाई है।
अब तक करीब 300 एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है। इससे लगभग ₹6,105 करोड़ के प्रस्तावित निवेश और 8,000 से अधिक संभावित रोजगार अवसरों का मार्ग प्रशस्त होने का दावा किया गया।
निवेश मित्र 3.0 से आसान होंगी कारोबारी प्रक्रियाएं
यूपीडा ने उत्तर प्रदेश की Ease of Doing Business व्यवस्था की भी जानकारी दी। निवेश मित्र सिंगल विंडो सिस्टम, निवेश सारथी, डिजिटल अप्रूवल मैकेनिज्म और ऑनलाइन इंसेंटिव मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए निवेशकों को सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
प्रस्तुति में हाल ही में शुरू किए गए निवेश मित्र 3.0 का भी उल्लेख किया गया, जिसमें एकीकृत अनुमोदन, रियल-टाइम आवेदन ट्रैकिंग और सरल कारोबारी प्रक्रियाओं पर जोर दिया गया है।
33 से अधिक सेक्टर आधारित नीतियां
उत्तर प्रदेश में विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा, इलेक्ट्रिक वाहन, डेटा सेंटर और नवीकरणीय ऊर्जा समेत विभिन्न क्षेत्रों के लिए 33 से अधिक सेक्टर-विशिष्ट नीतियां लागू होने की जानकारी दी गई।
इन नीतियों और प्रोत्साहनों के माध्यम से घरेलू और वैश्विक निवेश को प्रदेश की ओर आकर्षित करने पर जोर दिया जा रहा है।
‘कनेक्टिविटी से अब प्रतिस्पर्धात्मकता की ओर बढ़ रहा यूपी’
मोनिका कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब केवल कनेक्टिविटी की कहानी से आगे बढ़कर प्रतिस्पर्धात्मकता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का एक्सप्रेसवे नेटवर्क सिर्फ आवागमन को आसान नहीं बना रहा, बल्कि औद्योगिक विकास, रोजगार और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों के लिए आधार तैयार कर रहा है।
उन्होंने कहा, “Connectivity got us here; competitiveness is what we build next.” यानी कनेक्टिविटी ने उत्तर प्रदेश को यहां तक पहुंचाया है, अब अगला लक्ष्य प्रतिस्पर्धात्मकता का निर्माण करना है।
यूपीडा के अनुसार IMLC कार्यक्रम के जरिए प्रदेश में एक्सप्रेसवे आधारित औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को नई दिशा मिल रही है। इससे उत्तर प्रदेश को प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के साथ राज्य की USD 1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को गति देने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।