Lucknow News: यूपी पुलिस के 'वसूलीबाज दारोगा'! पैसा न मिलने पर महिलाओं तक की करते हैं पिटाई, आंख बंद करे बैठे 'योगीजी' आलाधिकारी
Lucknow News: दोनों मामलों में दुकान चलाने के हफ्ता या वसूली न देने पर मारपीट करने की बवत सामने आई है। इन मामलों के सामने आने के बाद लखनऊ के अलग अलग चौकियों में तैनात पुलिसकर्मियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े होना शुरू हो गए हैं।
लखनऊ के 'वसूलीबाज दारोगा'! दो घटनाओं ने खोली पुलिस की पोल (photo: social media )
Lucknow News: राजधानी लखनऊ में बीते 1 सप्ताह में सामने आए 2 बड़े मामलों ने वसूली के लिए ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों की हरकत से लखनऊ पुलिस की पोल खोल दी। पहला मामला लखनऊ के गोमतीनगर स्थित पत्रकार पुरम चौकी इंचार्ज मनीष मिश्रा से जुड़ा हुआ है और दूसरा मामला लखनऊ के मड़ियांव थाना क्षेत्र स्थित राम राम बैंक चौकी इंचार्ज आलोक चौधरी से जुड़ा हुआ है। दोनों मामलों में दुकान चलाने के हफ्ता या वसूली न देने पर मारपीट करने की बवत सामने आई है। इन मामलों के सामने आने के बाद लखनऊ के अलग अलग चौकियों में तैनात पुलिसकर्मियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े होना शुरू हो गए हैं।
'मॉडल चाय वाली' ने नहीं दिया पैसा तो दारोगा ने कॉलर पकड़कर घसीटा
मूलतः गोरखपुर की रहने वाली सिमरन गुप्ता लखनऊ के अलीगंज में माता पिता और भाई के साथ रहती हैं। सिमरन इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे के पास मॉडल चाय वाली के नाम से चाय की दुकान चलाती हैं। बताया जाता है कि बीते रविवार की देर रात उनकी दुकान में निर्माण कार्य चल रहा था, जिसे देखने के लिए ही वह और उनकी टीम वहां पर मौजूद थी। उन्होंने स्थानीय राम राम बैंक चौकी पर तैनात इंचार्ज व अन्य पुलिसकर्मियों पर मौके पर आकर अभद्रता करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि स्थानीय राम राम बैंक पुलिस चौकी के इंचार्ज आलोक चौधरी अन्य पुलिसकर्मियों व महिला सिपाही के साथ आए और सिमरन को कॉलर पकड़कर दुकान के बाहर घसीटा। चौकी चार्ज की ओर से की जा रही इस हरकत का जब विरोध किया गया तो मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने सिमरन व उसके स्टाफ के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस पूरे मामले का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
वीडियो सामने आने के बाद सिर्फ लाइन हाजिर की हुई कार्रवाई
इस घटना से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद ये पूरा मामला तेजी के साथ तूल पकड़ने लगा। सोशल मीडिया पर सवालों के घेरे में फंसी लखनऊ पुलिस ने शुरुआती एक्शन लेते हुए इस मामले में आरोपी चौकी इंचार्ज आलोक चौधरी और आरक्षी अभिषेक को लाइन हाजिर कर दिया गया। गौर करने वाली बात ये है कि इस मामले की जांच एसीपी अलीगंज धर्मेंद्र रघुवंशी को सौंपी गई है। जांच से पहले ही एसीपी अलीगंज सिमरन गुप्ता को दोषी और पुलिसकर्मियों को निर्दोष मान चुके हैं। अब ऐसे में आप अंदाजा लगाइए कि सिमरन गुप्ता के मामले में पुलिस ने कितना न्याय किया है और कितना अन्याय।
पत्रकारपुरम चौकी इंचार्ज ने दुकान लगाने के लिए मांगा हफ्ता, न देने पर की पिटाई
इसी से जुड़ा दूसरा मामला लखनऊ के गोमतीनगर स्थित पत्रकारपुरम चौकी क्षेत्र में देखने को मिला। गोमतीनगर रेलवे स्टेशन के पास बने पिंक टॉयलेट के नजदीक एक ढाबा चलाकर अपना गुजारा करने वाली महिला ने बताया कि उसे दुकान नगर निगम की ओर अलॉट किया गया था। दुकान हटाने को लेकर स्थानीय पत्रकार पुरम चौकी इंचार्ज मनीष मिश्रा की ओर से लगातार अलग अलग हथकंडे अपनाकर दबाव बनाया जाता है। विरोध करने पर किसी भी मामले में फसाने की धमकी दी जाती है। महिला ने बताया कि पत्रकार पुरम चौकी इंचार्ज मनीष मिश्रा की ओर से ढाबा चलाने के एवज में हफ्ता मांगा जा रहा था। हफ्ता देने से मना किया तो चौकी इंचार्ज अपने सिपाहियों की मदद से महिला के पति को मारते हुए चुकी तक ले गया और फिर चौकी में ही उसकी जमकर पिटाई की। महिला का आरोप है कि उसके सामने पति को पीटा गया तो उसने पति को छोड़ने की गुहार लगाई, जिसके बाद आरोपी चौकी इंचार्ज ने रात भर पीड़ित महिला के पति को बांधकर चौकी में पीटा और न छोड़ने की बात कही।
चौकी इंचार्ज पर नहीं हुई कोई कर्रवाई, पुलिस ने सुनाई नई थ्योरी
गोमती नगर स्थित पत्रकारपुरम चौकी इंचार्ज मनीष मिश्रा से जुड़े मामला सोशल मीडिया पर बीते लंबे समय से तेजी के साथ वायरल हो रहा है। मामले में पीड़िता के पति के साथ थाने में हुई बर्बरता से जुड़ी कई तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर तैर रही हैं। बावजूद इसके विभागीय अधिकारियों की ओर से चौकी इंचार्ज मनीष मिश्रा पर कोई खास कार्रवाई नहीं की गई। इतना ही नहीं, इस मामले पर जब पुलिस से जानकारी ली गयी तो थाना प्रभारी ने बताया कि दुकान पर काम करने वाले कर्मचारी का महिला व उसके पति से पैसों के लेनदेन में विवाद हुआ था, जिसमें दोनों में मारपीट भी हुई थी। जबकि पीड़िता के पति के शरीर पर दिख रहीं चोटें किसी थर्ड डिग्री टॉर्चर से कम नहीं हैं।