KGMU प्रशासन ने डॉक्टरों पर हुए मुकदमे को 24 घंटे में खत्म कराने का दिया आश्वासन
Lucknow News: KGMU में नशे में धुप रेजिडेंट डॉक्टरों द्वारा एक नर्सिंग स्टाफ को पिटने के बाद सोमवार को ट्रॉमा सेंटर के अंदर नर्सिंग स्टाफ और बाहर रेजिडेंट डॉक्टरों ने जमकर प्रदर्शन किया ।
Protest Of Resident Doctors In KGMU Trauma Centre
Lucknow News: राजधानी के KGMU में नशे में धुप रेजिडेंट डॉक्टरों द्वारा एक नर्सिंग स्टाफ को पिटने के बाद डॉक्टरों के खिलाफ दी गई तहरीर के मामले ने तूल पकड़ लिया है। रेजिडेंट और नर्सिंग स्टाफ के बीच बवाल हो गया है। सोमवार को ट्रॉमा सेंटर के अंदर नर्सिंग स्टाफ और बाहर रेजिडेंट डॉक्टरों ने जमकर प्रदर्शन किया। जोकि बढ़ते बढ़ते इतना बढ़ गया की मौके पर भारी पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी। इस कारण इलाज के लिए आए मरीजों को उपचार नहीं मिल पाया उन्हें खासी दुश्वारियों का सामना करना पड़ा।
जाने क्या है पूरा मामला
नर्सिंग स्टाफ शुभम का आरोप है कि रेजिडेंट डॉक्टरों ने शराब पीकर आधी रात में गाली-गलौज की इसके बाद जब इसका विरोध किया गया तो मौके पर ही रेजिडेंट डॉक्टरों ने उसे मारना शुरू कर दिया। इस मामले में केजीएमयू प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 9 रेजिडेंट डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
नर्सिंग स्टाफ ने शुरू किया धरना
मामले में नर्सिंग स्टाफ ने केजीएमयू प्रशासन पर मामले को दबाने का आरोप लगाते हुए रेजिडेंट डॉक्टरों के खिलाफ ट्रॉमा सेंटर के ग्राउंड फ्लोर स्थित ट्राइज हॉल में प्रदर्शन शुरू कर दिया । धरना में पीड़ित नर्सिंग स्टाफ के शुभम राव भी शामिल था। उसने बताया कि 20 सितंबर की रात दारू के नशे में रेजिडेंट डॉक्टरों ने ड्यूटी के दौरान उसके साथ मारपीट की। इसके बाद भी यूनिवर्सिटी प्रशासन ने खुद किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की। जब प्रशासन कार्रवाई करने में ऐसी लापरवाही करेगा तो हमारे पास धरना देने के अलावा और किसी प्रकार का चारा नहीं है। शुभम ने कहा कि घटना के बाद मैंने खुद से पुलिस को तहरीर देकर नौ रेजिडेंट डॉक्टरों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। इनमें रेजिडेंट डॉक्टर अश्विन, आयुष, निखिल, अंकित वर्मा, अमित शर्मा, सतीश, दीपक छाबरा, देवेंद्र, प्रेम शामिल हैं। मामले को 72 घंटे से ज्यादा हो चुके हैं लेकिन, अबतक केजीएमयू प्रशासन द्वारा किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है।
रेजिडेंट डॉक्टरों ने भी किया प्रदर्शन
जब नर्सिंग स्टाफ ट्रॉमा सेंटर के अंदर प्रदर्शन कर रहे हैं। तभी उसके कुछ घंटों बाद ही रेजिडेंट डॉक्टर गेट नंबर 2 से नारेबाजी करते हुए ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। ऐसे में नर्सिंग स्टाफ और रेजिडेंट डॉक्टर आमने-सामने आ गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने ट्रॉमा सेंटर का गेट बंद कर दिया।
24 घंटे में मुकदमा खत्म करने का दिया आश्वासन
मामले के कार्रवाई न होने के कारण एक तरफ धरने पर बैठे नर्सिंग स्टॉफ और डॉक्टरों के आपसी भिड़ंत के बीच KGMU प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। जहां उन्होंने रेजिडेंट डॉक्टरों को 24 घंटे में मुकदमा खत्म कराने का आश्वासन दिया है।