लखनऊ में LDA के नाम पर 4 पुलिसकर्मियों को ठग ले गया जालसाज! DCP से शिकायत के बाद दर्ज हुई FIR
Lucknow News: लखनऊ में एलडीए के नाम पर 4 पुलिसकर्मियों से ठगी, FIR दर्ज
Lucknow LDA Scam
Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जमीन, दुकान व मकान दिलाने के नाम पर शातिर जालसाजों की ओर से आम लोगों के साथ बड़े ही शातिराना तरीके से मोटी रकम हड़पकर ठगी की वारदात को अंजाम दे दिया जाता है। ऐसे मामलों को पुलिस टीम बेहद गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई करती हुई नजर आती है लेकिन इसी बीच अब लखनऊ में LDA यानी लखनऊ विकास प्राधिकरण के नाम पर पुलिस मुख्यालय में तैनात पुलिसकर्मियों के साथ जालसाज में फ्लैट दिलाने के नाम पर ठगी की वारदात को अंजाम दिया।
रायबरेली, एटा और लखनऊ पुलिस मुख्यालय में तैनात चार पुलिसकर्मियों से आरोपी ललित तिवारी ने 1.14 लाख रुपये हड़प लिए। बताया जाता है कि आरोपी खुद को फ्लैट डीलर बताकर LDA से रजिस्ट्रेशन और वेरिफिकेशन का झूठा दावा करता रहा। पीड़ितों की शिकायत पर गोमतीनगर विस्तार थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है।
1 माह में शातिर ठग को 4 किश्तों में दी गयी रकम
मिली जानकारी के अनुसार, उपनिरीक्षक जगदीश सिंह, कॉन्स्टेबल शुभम सिंह, आदर्श त्रिपाठी और संदीप पटेल ने अगस्त-सितंबर 2023 में आरोपी को 28,500–28,500 रुपये की चार किस्तों में UPI ट्रांसफर किए। यह रकम एलडीए में फ्लैट रजिस्ट्रेशन और वेरिफिकेशन के नाम पर ली गई थी। जब पीड़ितों ने आवंटन की स्थिति पूछी तो आरोपी ने पहले रजिस्ट्रेशन पूरा होने का दावा किया। लेकिन जब रजिस्ट्रेशन स्लिप मांगी गई तो उसने एलडीए के कथित बाबू का हवाला देकर टाल दिया।
पैसे देने में टालमटोल, पुलिसकर्मियों ने DCP से की शिकायत
काफी समय बीतने के बाद भी न तो फ्लैट का आवंटन हुआ और न ही पैसे लौटाए गए। आरोपी बार-बार जल्द पैसे लौटाने का वादा करके मामले को टालता रहा। परेशान होकर चारों पुलिसकर्मियों ने डीसीपी (ईस्ट) को इस मामले की जानकारी देते हुए तहरीर दी और कार्रवाई की मांग की। तहरीर के साथ उन्होंने सभी UPI ट्रांजेक्शन के स्क्रीनशॉट भी सबूत के तौर पर जमा किए।
गोमतीनगर थाने में दर्ज हुई FIR, जांच में जुटी पुलिस
शिकायत पर गोमतीनगर विस्तार थाने में आरोपी ललित तिवारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब आरोपी की गिरफ्तारी और उससे वसूली गई रकम की रिकवरी पर काम कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला गंभीर है क्योंकि इसमें सीधे पुलिसकर्मी ही ठगी का शिकार बने हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी ललित तिवारी एलडीए के नाम का दुरुपयोग कर लोगों को झांसा देता रहा।