लखनऊ जेल से भेजे गए अमिताभ ठाकुर के 26 केस कोर्ट में दर्ज, गायब फाइलों ने खोली सिस्टम की पोल
Lucknow News: ये मुकदमे उन्होंने जेल से हाथ से लिखे प्रार्थना पत्रों के माध्यम से विभिन्न अधिकारियों के विरुद्ध दाखिल किए थे।
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Lucknow News: पूर्व आईपीएस अधिकारी और आज़ाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर की ओर से साल 2021-22 में लखनऊ जेल में बंद होने के दौरान भेजे गए 36 मुकदमों में से 26 केस अब लखनऊ की अदालत में औपचारिक रूप से दर्ज कर लिए गए हैं। ये मुकदमे उन्होंने जेल से हाथ से लिखे प्रार्थना पत्रों के माध्यम से विभिन्न अधिकारियों के विरुद्ध दाखिल किए थे।
7 महीने की जेल, 36 केस की लड़ाई
अमिताभ ठाकुर को साल 2021 में एक विवादित मामले में गिरफ्तार कर लखनऊ जेल भेजा गया था, जहां से उन्होंने लगभग सात महीने में 36 अलग-अलग मामलों में कार्रवाई की मांग करते हुए हाथों से लिखकर याचिकाएं भेजीं। ये याचिकाएं उन्होंने मुख्य रूप से उनके खिलाफ राजनीतिक कारणों से की गई फर्जी कार्रवाई के आधार पर भेजीं थीं।
गायब हो गईं फाइलें, हाईकोर्ट तक पहुंची शिकायत
इन सभी केसों की फाइलें लखनऊ जेल से कोर्ट तक के रास्ते में कहीं गायब हो गईं। इस पर ठाकुर ने जिला जज लखनऊ के साथ-साथ इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी लिखित शिकायत की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला जज ने मामले की जांच सीजेएम लखनऊ को सौंप दी।
जांच के बाद सामने आया फाइलों का सच
सीजेएम की जांच में खुलासा हुआ कि कुल 26 केसों की फाइलें दोबारा प्राप्त हुई हैं। इनमें से 20 केसों को हाल ही में लखनऊ कोर्ट में औपचारिक रूप से दर्ज किया गया, जबकि 6 केस पहले ही वर्ष 2021 में दर्ज हो चुके थे लेकिन उनकी फाइलें भी रिकॉर्ड से गायब थीं। इन सभी फाइलों को अब दोबारा सिस्टम में दर्ज कर लिया गया है।
क्या बोले अमिताभ ठाकुर?
ठाकुर ने आरोप लगाया कि उन्हें राजनीतिक दबाव में झूठे मुकदमे में जेल भेजा गया और उनके द्वारा भेजे गए कानूनी प्रयासों को दबाने के लिए फाइलें गायब कर दी गईं। अब जब ये मुकदमे फिर से दर्ज हुए हैं, तो वह इस लड़ाई को अंजाम तक ले जाने की बात कह रहे हैं।