Lucknow-Kanpur Expressway Toll Free: सड़क धंसने के बाद NHAI ने रोकी टोल वसूली
Lucknow-Kanpur Expressway Toll Free:बार-बार सड़क धंसने की घटनाओं के बाद NHAI का बड़ा फैसला, मरम्मत पूरी होने तक एक्सप्रेसवे पर नहीं लिया जाएगा टोल।
Lucknow-Kanpur Expressway Toll free: Suspended After Road Subsidence; NHAI Takes Major Action
Lucknow-Kanpur Expressway Toll free:लखनऊ और कानपुर के बीच सफर करने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। NHAI (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली रोकने का फैसला किया है। यह निर्णय एक्सप्रेसवे के कई हिस्सों में बार-बार सड़क धंसने की घटनाओं के बाद लिया गया है। NHAI का कहना है कि जब तक मरम्मत और सभी जरूरी सुधार कार्य पूरे नहीं हो जाते, तब तक इस मार्ग से गुजरने वाले वाहनों से टोल नहीं लिया जाएगा। साथ ही निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
मरम्मत पूरी होने तक नहीं देना होगा टोल
NHAI ने स्पष्ट किया है कि एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली फिलहाल अस्थायी रूप से बंद रहेगी। अथॉरिटी का कहना है कि सड़क की गुणवत्ता और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जब तक सभी खराब हिस्सों की मरम्मत पूरी नहीं हो जाती और सड़क तय मानकों के अनुरूप सुरक्षित घोषित नहीं हो जाती, तब तक वाहन चालकों से टोल नहीं लिया जाएगा। इससे रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों लोगों को आर्थिक राहत भी मिलेगी।
सड़क धंसने की घटनाओं ने बढ़ाई चिंता
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में शामिल है। इसका उद्देश्य दोनों शहरों के बीच यात्रा को तेज और आसान बनाना है। लेकिन हाल के दिनों में एक्सप्रेसवे के कई हिस्सों में सड़क धंसने की घटनाएं सामने आने लगीं। इन घटनाओं ने निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। लगातार शिकायतों और निरीक्षण के बाद NHAI ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई का फैसला किया है।
अधिकारियों पर भी हुई कार्रवाई
NHAI ने प्रशासनिक स्तर पर भी सख्त कदम उठाए हैं। मौजूदा प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा को उनके मूल विभाग में वापस भेज दिया गया है। वहीं परियोजना के पूर्व प्रोजेक्ट डायरेक्टर सौरभ चौरसिया, जिनके कार्यकाल में परियोजना का अधिकांश निर्माण कार्य हुआ था। वर्तमान प्रोजेक्ट डायरेक्टर के खिलाफ जिम्मेदारियों के निर्वहन में लापरवाही के आरोप में आरोप-पत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। अथॉरिटी केवल तकनीकी खामियों की ही नहीं, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय कर रही है।
इंडिपेंडेंट इंजीनियरिंग कंपनी को भी मिला नोटिस
परियोजना की निगरानी कर रही इंडिपेंडेंट इंजीनियरिंग एजेंसी M/s थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को भी NHAI ने डिबारमेंट नोटिस जारी किया है। अथॉरिटी ने प्रस्ताव रखा है कि यदि जांच में एजेंसी की लापरवाही सामने आती है तो उसे भविष्य में NHAI की परियोजनाओं में भाग लेने से प्रतिबंधित किया जा सकता है। यह कदम परियोजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और जिम्मेदारी तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आधुनिक तकनीक से होगी पूरी सड़क की जांच
एक्सप्रेसवे की वास्तविक स्थिति जानने के लिए NHAI पूरे प्रोजेक्ट का मूल्यांकन लेजर प्रोफिलोमीटर तकनीक से करवा रहा है। इस तकनीक की मदद से सड़क की सतह में मौजूद छोटी से छोटी खराबी और असमानता का पता लगाया जा सकेगा। इसके आधार पर तय होगा कि किन हिस्सों में केवल मरम्मत की जरूरत है और किन स्थानों पर दोबारा निर्माण करना होगा।
IIT खड़गपुर के विशेषज्ञ करेंगे कारणों की पड़ताल
मामले की तकनीकी जांच के लिए IIT खड़गपुर के प्रोफेसर के. एस. रेड्डी के नेतृत्व में सड़क विशेषज्ञों की टीम नियुक्त की गई है। यह टीम सड़क धंसने के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच करेगी। विशेषज्ञ निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, सड़क की डिजाइन, मिट्टी की स्थिति, जल निकासी व्यवस्था और निर्माण प्रक्रिया जैसे सभी पहलुओं का अध्ययन करेंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर भविष्य के लिए स्थायी सुधारात्मक उपाय भी सुझाए जाएंगे।