'न अम्बेडकर, न कांशीराम को सम्मान…, चुनाव से पहले मायावती का Congress पर तीखा प्रहार! खोली 'पार्टी के राजनीतिक चालबाज़ियों' की पोल
Mayawati statement on Congress: सपा‑BSP गठबंधन का सहारा स्तम्भ एवं बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने आज 14 मार्च को अपने सोशल मीडिया X पर एक बार फिर कांग्रेस पार्टी सहित अन्य दलों पर तीखे आरोप लगाए हैं।
Mayawati statement on Congress (photo: social media)
Mayawati statement on Congress: सपा‑BSP गठबंधन का सहारा स्तम्भ एवं बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने आज 14 मार्च को अपने सोशल मीडिया X पर एक बार फिर कांग्रेस पार्टी सहित अन्य दलों पर तीखे आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर तथा मान्यवर श्री कांशीराम को कभी उचित सम्मान नहीं दिया, इसी कारण BSP का गठन करना पड़ा।
मायावती ने अपने पोस्ट में कांग्रेस को जमकर लताड़ा
मायावती ने ट्वीटर पोस्ट में लिखा कि "सर्वविदित है, कांग्रेस पार्टी ने दशकों तक केंद्र की सत्ता में रहते हुए दलित समाज के महान नेता डॉ. भीमराव आंबेडकर का न तो सम्मान किया और न ही ‘भारतरत्न’ जैसी सर्वोच्च नागरिक सम्मान से विभूषित किया। ऐसे में यह पार्टी कैसे मान्यवर श्री कांशीराम को सम्मान दे सकती है, यह एक बड़ा प्रश्न चिन्ह है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस की दलित‑विरोधी मानसिकता ही BSP जैसे राजनीतिक विकल्प के निर्माण का कारण बनी थी।"
पोस्ट में मायवती की हुंकार
मायावती ने अपने ट्वीट में याद दिलाया कि जब मान्यवर श्री कांशीराम का देहान्त हुआ था, तब न तो केंद्र और न ही उत्तर प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय/राजकीय शोक का एलान किया था। उन्होंने कहा कि यह उदासीनता न सिर्फ कांशीराम के अनुयायियों के लिए दुःखद थी बल्कि यह दलित समुदाय के मान‑सम्मान के साथ खिलवाड़ जैसे बराबर थी।
आए‑दिन राजनीतिक चालबाज़ियाँ करती है कांग्रेस - मायावती
BSP सुप्रीमो ने ट्वीट में यह भी कहा कि कांग्रेस तथा कई अन्य पार्टियाँ मान्यवर के नाम और उनके द्वारा स्थापित पार्टी BSP को कमजोर करने के लिए आए‑दिन राजनीतिक चालबाज़ियाँ करती रहती हैं। इन पार्टियों की कोशिश रहती है कि बीएसपी को विभाजित किया जाए तथा दलित समाज की एकता को तोड़ा जाए। ऐसी कोशिशों के प्रति BSP कार्यकर्ताओं और समर्थकों को हमेशा सचेत रहने की अपील भी उन्होंने की।
मायावती ने खासतौर से कांग्रेस पार्टी का नाम लेते हुए कहा कि कांग्रेस की दलित‑विरोधी सोच और मानसिकता आज भी वैसी ही बनी हुई है। यही सोच और व्यवहार BSP की ज़रूरत को जन्म देने वाला मुख्य कारण था, जिसे आज भी कांग्रेस समझने से इनकार करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस न कभी दलितों के सशक्तिकरण के लिए ठोस कदम उठाती है और न ही उन नेताओं का सम्मान करती है, जिन्होंने समाज में असमानता और अन्याय के खिलाफ जीवन समर्पित किया।
बसपा की मूल विचारधारा नयी ऊर्जा देंगे - बसपा सुप्रीमो
आज मायावती ने 15 मार्च को मान्यवर श्री कांशीराम जी की जयन्ती के मौके पर बसपा की तरफ से पूरे उत्तर प्रदेश और देश में आयोजित कार्यक्रमों को लेकर मायावती ने लाखों कार्यकर्ताओं और समर्थकों से बड़ी संख्या में हिस्सेदारी की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह दिन सिर्फ श्रद्धांजलि देने का नहीं है बल्कि बसपा की मूल विचारधारा और उसकी प्रतिबद्धता को नयी ऊर्जा देने का दिन है।
कांशीराम जयंती पर मायावती ने की कार्यक्रम में भाग लेने की अपील
बसपा कार्यकर्ताओं ने भी समेत जिलों तथा ब्लॉक स्तर पर यात्राओं, रैलियों, चर्चा सभाओं और सोशल मीडिया अभियानों के ज़रिये इस दिन को ज़बरदस्त रूप से मनाने की तैयारी की है। इन कार्यक्रमों में कांशीराम के आदर्शों, सामाजिक न्याय तथा समानता के संदेश को फिर से उजागर करने पर खास जोर रहेगा।
बता दे, इसे लेकर राजनीति विश्लेषकों का मानना है कि मायावती का यह ट्वीट होने वाले लोकसभा निर्वाचन को ध्यान में रखकर दलित‑समर्थक वोट बैंक को संगठित करने की कोशिशें भी माना जा रहा है। इससे बसपा कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ने के साथ ही कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों पर दबाव भी बढ़ रहा है।