लखनऊ नगर निगम में गरजीं मेयर! बिना बुलाए समारोह में हुईं शामिल, पत्र जारी कर अफसरों पर बरसीं- प्रोटोकॉल भूले या जानबूझकर?

Lucknow News: लखनऊ नगर निगम के कार्यक्रम में बुलावा न मिलने से नाराज़ मेयर सुषमा खर्कवाल ने अधिकारियों पर तीखा हमला बोला। कार्यक्रम स्थल पर बिना आमंत्रण पहुंचकर उन्होंने नगर आयुक्त से जवाब तलब किया और शासन तक मामला उठाने की चेतावनी दे डाली।

Update:2025-08-02 01:20 IST

Mayor Sushma Kharkwal Slams Lucknow Nagar Nigam for Ignoring Protocol in Official Event

Lucknow News: लखनऊ नगर निगम के भीतर एक और शक्ति संघर्ष सामने आया जब मेयर सुषमा खर्कवाल बिना निमंत्रण पहुंचे एक औपचारिक समारोह में भड़क गईं। मृतक आश्रितों को नियुक्ति पत्र और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सम्मानित करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में उन्हें बुलावा नहीं भेजा गया, जिससे मेयर ने इसे प्रोटोकॉल की गंभीर अनदेखी बताया। नगर आयुक्त और अपर नगर आयुक्त की अनुपस्थिति ने आग में घी का काम किया। मेयर ने मौके पर ही नाराजगी जताई और नगर आयुक्त को पत्र लिखकर औपचारिक स्पष्टीकरण मांगा। साथ ही 5 अगस्त तक जवाब देने का अल्टीमेटम भी दे डाला। इस पूरे प्रकरण से लखनऊ नगर निगम में अफसरशाही बनाम जनप्रतिनिधित्व की टकराहट एक बार फिर सुर्खियों में है। मेयर ने यह मुद्दा शासन तक उठाने की चेतावनी देते हुए कहा कि अधिकारी प्रोटोकॉल सीखें या शासन से प्रशिक्षण लें।

कार्यक्रम का हुआ भव्य आयोजन, मेयर को नहीं दिया न्यौता

हजरतगंज स्थित नगर निगम मुख्यालय में रिटायर्ड कर्मचारियों को सम्मान और मृतक आश्रितों को नियुक्ति पत्र देने का समारोह रखा गया था। आश्चर्य की बात ये रही कि नगर प्रमुख यानी मेयर सुषमा खर्कवाल को इस कार्यक्रम में आमंत्रित ही नहीं किया गया। मेयर को जब मौखिक सूचना मिली तो वे स्वयं समारोह में पहुंच गईं। लेकिन मौके पर नगर आयुक्त गौरव कुमार और अपर नगर आयुक्त नम्रता सिंह मौजूद नहीं थे। इससे मेयर का गुस्सा और भड़क गया।

प्रोटोकॉल तोड़ा तो मांग लिया जवाब, अपर नगर आयुक्त ने दी सफाई

मौजूदा हालातों को देखकर गुस्से में आईं मेयर ने नगर आयुक्त को पत्र लिखते हुए पूछा कि आखिर उन्हें समारोह में औपचारिक रूप से आमंत्रित क्यों नहीं किया गया? उन्होंने पूछा कि क्या विभागीय मुखिया की मौजूदगी इस तरह के कार्यक्रमों में जरूरी नहीं है? अपर नगर आयुक्त नम्रता सिंह ने फोन पर मेयर को बताया कि वह प्रमुख सचिव, नगर विकास की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में व्यस्त थीं लेकिन जल्द ही समारोह में आ पहुंचीं। बावजूद इसके मेयर ने नगर आयुक्त को शासन से प्रोटोकॉल का प्रशिक्षण लेने की सलाह दे डाली।

5 अगस्त तक जवाब देने का अल्टीमेटम

मेयर ने इस मामले पर एक पत्र लिखा, जिसमें दो टूक कहा कि 5 अगस्त तक स्पष्ट करें कि उन्हें क्यों नहीं बुलाया गया और यह कैसे तय किया गया कि विभाग प्रमुख की मौजूदगी जरूरी नहीं है। आपको बता दें कि इस कार्यक्रम में कुल आठ मृतक आश्रितों को सफाई कर्मी पद पर नियुक्ति पत्र दिए गए, जिनमें मयंक दीक्षित, सागर राठौर, दीपक कुमार, आनंद कुमार, मनीष कुमार, सुमन, ब्रिजेंद्र कुमार रावत और अजय कुमार यादव शामिल रहे। वहीं, मेयर सुषमा खर्कवाल ने अपने पत्र में कहा कि 30-35 साल तक सेवा देने वालों की विदाई में माला पहनाकर, ढोल-नगाड़े से स्वागत हुआ लेकिन मुझे इसकी जानकारी नहीं दी गई। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है इसलिए मैं दिल्ली से तुरंत लखनऊ लौट आई।

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