NIA जांच में बड़ा खुलासा! विधानसभा से लेकर बड़ा इमामबाड़ा निशाने पर, लखनऊ आकर आतंकियों ने की थी रेकी
Lucknow News: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की जांच में सामने आया है कि विधानभवन सहित कई अहम सरकारी और भीड़भाड़ वाले इलाकों को निशाना बनाकर सिलसिलेवार धमाकों की योजना बनाई गई थी।
NIA Investigation
Lucknow News: राजधानी लखनऊ में बड़े आतंकी हमलों की साजिश का खुलासा होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की जांच में सामने आया है कि विधानभवन सहित कई अहम सरकारी और भीड़भाड़ वाले इलाकों को निशाना बनाकर सिलसिलेवार धमाकों की योजना बनाई गई थी। यह खुलासा लालकिला के पास हुए कार बम विस्फोट मामले की जांच के दौरान हुआ, जिसमें एजेंसियों को ऐसे इनपुट मिले कि आरोपित लखनऊ में भी बड़े आतंकी हमले की तैयारी कर रहे थे।
आरोपितों ने की थी लखनऊ के कई संवेदनशील इलाकों की रेकी
जांच के दौरान पता चला कि आरोपितों ने राजधानी लखनऊ के कई संवेदनशील इलाकों की रेकी की थी। इनमें बापू भवन, विधानभवन, बड़ा इमामबाड़ा, लालबाग और अमीनाबाद जैसे प्रमुख स्थान शामिल थे। सुरक्षा एजेंसियों का यह मानना है कि इन जगहों को इसलिए चुना गया ताकि प्रशासनिक व्यवस्था को क्षति पहुंचाई जा सके। इसके साथ ही भीड़भाड़ वाले इलाकों में दहशत फैलाई जा सके। सूत्रों के अनुसार साल 2025 के अंतिम सप्ताह में मामले के दो मुख्य आरोपित डॉ. मुजम्मिल शकील और डॉ. शाहीन सईद अगस्त 2025 के अंतिम सप्ताह में फरीदाबाद से लखनऊ पहुंचे थे। दोनों आरोपित शहर में शाहीन के एक रिश्तेदार के घर पर ठहरे थे।
सुनियोजित तरीके से रची गई थी साजिश
जांच में सामने आया है कि इसी दौरान मुजम्मिल ने शहर के अलग-अलग इलाकों का दौरा कर संभावित टारगेट्स का आकलन किया और हमले की रणनीति तैयार की। एनआईए की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपित विस्फोटक तैयार करने के लिए शहर के किसी सुनसान इलाके की तलाश कर रहे थे। एजेंसियों का कहना है कि साजिश बेहद सुनियोजित तरीके से रची गई थी। इसमें टारगेट चुनने से लेकर विस्फोटक तैयार करने और हमले को अंजाम देने तक हर स्तर पर विस्तार से योजना बनाई गई थी।
इस मामले में एनआईए ने 14 मई को करीब 7,500 पन्नों का विस्तृत आरोपपत्र दाखिल किया है। आरोपपत्र में लखनऊ में संभावित आतंकी हमलों की योजना, रेकी और संदिग्ध गतिविधियों का विस्तृत उल्लेख किया गया है। जांच एजेंसियां अब आरोपितों के नेटवर्क, उनके संपर्कों और इस साजिश में शामिल अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, समय रहते मिली जानकारी और जांच के कारण एक बड़े आतंकी हमले को टाला जा सका। फिलहाल राजधानी और अन्य संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ा दी गई है।