पहली ही बारिश में धंसा कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे, अब कंपनी ने दिया ऐसा जवाब कि दंग रह गए लोग!

Kanpur-Lucknow Expressway: कानपुर-लखनऊ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों के धंसने के बाद निर्माण कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक ने सफाई दी है। कंपनी ने निर्माण में किसी तकनीकी खामी से इनकार करते हुए भारी बारिश और जलभराव को नुकसान की वजह बताया है।

Update:2026-08-07 21:49 IST

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Kanpur-Lucknow Expressway: करोड़ों-अरबों रुपये की लागत से बने कानपुर-लखनऊ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (Kanpur-Lucknow Greenfield Expressway) के कुछ हिस्सों में पहली ही बरसात के दौरान जमीन धंसने और सड़क टूटने का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है।

इस घटना के बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच इस मेगा प्रोजेक्ट का निर्माण करने वाली पीएनसी इंफ्राटेक (PNC Infratech) ने पूरे मामले पर अपनी सफाई जारी की है।

कंपनी ने निर्माण में किसी तरह की तकनीकी खामी मानने से इनकार किया है और सड़क को हुए नुकसान के लिए लगातार हुई भारी बारिश को जिम्मेदार बताया है।

'निर्माण में कोई कमी नहीं थी'

बढ़ते विवाद के बीच कंपनी ने कहा कि इस एक्सप्रेसवे का निर्माण हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (Hybrid Annuity Model-HAM) के तहत किया गया है।

कंपनी का दावा है कि सड़क निर्माण के दौरान भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (National Highways Authority of India-NHAI) की ओर से तय किए गए सभी तकनीकी मानकों और गुणवत्ता संबंधी नियमों का पूरी तरह पालन किया गया था।

कंपनी के मुताबिक सड़क के जिन हिस्सों में नुकसान हुआ है, उसकी वजह घटिया निर्माण सामग्री या तकनीकी खामी नहीं, बल्कि लगातार हुई भारी बारिश और वहां पानी का जमा होना है। कंपनी का कहना है कि पानी भरने के कारण मिट्टी बैठ गई, जिससे सड़क के कुछ हिस्सों में दिक्कतें पैदा हुईं।

'एक्सप्रेसवे पर यातायात सामान्य है'

पीएनसी इंफ्राटेक ने अपनी सफाई में यह भी कहा कि एक्सप्रेसवे पर वाहनों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है।

कंपनी के अनुसार आने-जाने वाले लोगों को किसी बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है और सड़क पर ट्रैफिक सुचारू रूप से चल रहा है।

मरम्मत का पूरा खर्च खुद उठाएगी कंपनी

कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि जहां-जहां सड़क धंसी है या टूटी है, वहां तुरंत मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है।

पीएनसी इंफ्राटेक ने कहा कि मरम्मत का पूरा खर्च कंपनी अपनी ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (Operation and Maintenance) की जिम्मेदारी के तहत खुद वहन करेगी। इसका मतलब यह है कि इस मरम्मत के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं आएगा।

सुरक्षा और गुणवत्ता को लेकर जताई प्रतिबद्धता

कंपनी ने अपनी सफाई में कहा कि वह एक्सप्रेसवे की सुरक्षा, मजबूती और गुणवत्ता को लेकर पूरी तरह गंभीर है और सड़क को बेहतर बनाए रखने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जा रहे हैं।

बारिश को वजह बताने पर उठ रहे सवाल

हालांकि कंपनी ने सड़क धंसने की वजह लगातार हुई भारी बारिश और जलभराव को बताया है, लेकिन इस पूरे मामले के बाद लोगों के मन में कई सवाल भी उठ रहे हैं।

सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर सड़क का निर्माण पूरी तरह तय तकनीकी मानकों के अनुसार हुआ था, तो क्या भारत में होने वाली बारिश कोई नई बात है। हर साल मानसून आता है, ऐसे में क्या हर बरसात में एक्सप्रेसवे इसी तरह धंसते रहेंगे।

फिलहाल कंपनी ने सड़क की मरम्मत की जिम्मेदारी अपने ऊपर ले ली है, लेकिन इस घटना के बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर बहस और तेज हो गई है।

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